मैं हूंँ महाबाहु ब्रह्मापुत्र

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दो:

(क) ब्रह्मपुत्र अंत में अपने को किस खाड़ी में सौंप देता है?

उत्तर: ब्रह्मपुत्र अंत में अपने को बंगाल की खाड़ी में सौंप देता है।

(ख) पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की मांँ कौन है?

उत्तर: पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की मां अमोघा है।

(ग) पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र के पिता कौन है?

उत्तर: पुराणों के अनुसार ब्रह्मापुत्र के पिता ब्रह्मा है।

(घ) मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को किस नाम से पुकारते हैं?

उत्तर: मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को ‘लूइत’ नाम से पुकारते हैं।

(ङ) प्रमुख नदी द्वीप माजुली किस की गोद में बसा है?

उत्तर: प्रमुख नदी द्वीप माजुली ब्रह्मपुत्र की गोद में बसा है।

(च) नीलांचल पहाड़ी पर किसका मंदिर है?

उत्तर: नीलांचल पहाड़ी पर मांँ कामाख्या का मंदिर है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

(क) ब्रह्मपुत्र के जन्म के साथ किन-किन का संबंध बताया जाता है?

उत्तर: ब्रह्मापुत्र के जन्म को लेकर पुराणों में कहा गया है कि ब्रह्मापुत्र की मांँ अमोघा है और ब्रह्मा उसके पिता। इसलिए उसका नाम ब्रह्मापुत्र रखा गया। भूगोल शास्त्रों के विद्वानों के अनुसार ब्रह्मपुत्र हिमालय से भी पहले जन्मा। जिसका जन्म स्थान कैलाश पर्वत के नीचे मानसरोवर के पास एक बड़ी हिमानी से हुआ है।

(ख)ब्रह्मपुत्र की सही उत्पत्ति कहांँ से हुई है?

उत्तर:कैलाश पर्वत के नीचे मानसरोवर के पास एक बड़ी हिमानी है, जो पृथ्वी सतह से 5100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसे ही ब्रह्मपुत्र का सही उत्पत्ति माना गया है।

(ग) ब्रह्मपुत्र के साथ दाहिनी तथा बाई ओर से आकर मिलने वाली नदियों के नाम लिखो।

उत्तर: ब्रह्मपुत्र के साथ दाहिनी ओर आकर मिलने वाले नदियांँ हैं:- सुवनशिरी,  जीयाभरली, धनशिरी, बरनदी, मानाह, सोणकोष और तिस्ता।

        ब्रह्मापुत्र के बाई ओर आकर मिलने वाली नदियां हैं:-बुढ़ी दिहिंग, दिसांग, देखौ, झांसी, जिजिराम आदि नदियाँ।

(घ) बांग्लादेश में जाकर मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र को किन नामों से जाना जाता है?

उत्तर: बांग्लादेश में जाकर मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र को जमुना, पद्मा, मेघना आदि नामों से जाना जाता है।

(ङ) बरसात के दिनों के ब्रह्मपुत्र का वर्णन करो।

उत्तर:बरसात के दिनों में ब्रह्मापुत्र का स्तर बढ़ जाता है और ब्रह्मपुत्र से जुड़ी सहायक नदियों में भी पानी भर जाता है। जिसके कारण हर वर्ष लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। लाखों लोगों को तो अपना घर तथा खेती के फसलों को गंवाना पड़ता है। अर्थात बरसात के दिनों में ब्रह्मपुत्र की धारा इतनी तेजी से बहने लगता है कि जीव जंतु सभी उसके चपेट में आ जाते हैं।

(च) भूगर्भ शास्त्र के विद्वान ब्रह्मपुत्र की उत्पत्ति कहांँ से मानते हैं?

उत्तर: भूगर्भ शास्त्र के विद्वान मानते हैं कि ब्रह्मापुत्र हिमालय से भी पहले जन्मा था। उनके अनुसार कैलाश पर्वत के नीचे मानसरोवर से 100 किलोमीटर की दूरी पर एक बड़ी हिमानी से ब्रह्मापुत्र का जन्म हुआ है।

(छ) ब्रह्मपुत्र जैसे जल मार्ग के जरिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हुई है?

उत्तर: ब्रह्मपुत्र जैसे जल मार्ग के जरिए यातायात तथा साधन आदान प्रदान के हेतु कई सुविधाएं उपलब्ध हुई है। बंगाल की खाड़ी से जुड़कर ब्रह्मपुत्र एक बड़ा नदी मार्ग तैयार करता है। ब्रह्मपुत्र के ऊपर से शराइघाट का पुल निर्माण किया गया जिससे यातायात की सुविधा आसान हो गई। इसके अलावा जहाजों के माध्यम से भी हजारों लोग अपने काम हेतु ब्रह्मपुत्र जैसे जलमार्ग को अपनाते हैं।

(ज) ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे प्रसिद्ध नगरों के नाम लिखो।

उत्तर: ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे प्रसिद्ध नगरों के नाम है- धुबरी, गोवालपाड़ा, पलाशबाड़ी, शुवालकुछि, गुवाहाटी तेजपुर, डिब्रूगढ़ आदि।

3. आशय स्पष्ट करो:

(क) ‘मैं असम की संस्कृति का पोषक हूंँ।’

उत्तर: इसका आशय यह है कि असम में जितने भी संस्कृति ने जन्म लिया है वह सारे संस्कृति ब्रह्मापुत्र से जुड़ी है। क्योंकि प्रमुख नदी द्वीप माजुली पर श्रीमंत शंकरदेव की परंपरा को संजोकर रखा गया है। पुराणों में वर्णित सोनितपुर में उषा और अनिरुद्ध का इतिहास लिखा गया है। जो कि ब्रह्मपुत्र के तट पर है। कई मछुआरे मछलियांँ पकड़ने के लिए ब्रह्मपुत्र मैं जाते हैं। अर्थात ब्रह्मपुत्र के तट पर बसे असम के लोगों का प्राण है ब्रह्मापुत्र।

(ख)’मैं सिर्फ एक नदिया जल-प्रवाह नहीं हूंँ। मैं अपने समाज का एक विनम्र सहायक और सखा भी हूंँ।

उत्तर: इसका आशय यह है कि- ब्रह्मापुत्र सिर्फ एक बेहता हुआ नदी नहीं है वह हर एक किसी का साथी है। क्योंकि वह हमेशा से यातायात का महत्वपूर्ण साधन रहा है। उसके ऊपर से ही हजारों लोग जहाज के माध्यम से सफर करते हैं और ब्रह्मपुत्र उन्हें इस ओर से उस और पहुंचाने में अपना योगदान देता है। ब्रह्मापुत्र के ऊपर से ही यातायात की सुविधा हेतु पुल बनवाया गया जिसके ऊपर से रेलगाड़ी और मोटर गाड़ी निरंतर चलते आए हैं। इसीलिए ब्रह्मापुत्र को समाज का एक विनम्र सहायक और सखा भी कहा गया है।

4. निम्नांकित प्रश्नों के दिए गए उत्तरों में से एक उत्तर सही है। सही उत्तर का चयन करें:

(क)……………. नामक राष्ट्रीय उद्यान मेरा साथी है।

उत्तर: काजीरंगा।

(ख)……………. ने मुझे विषय बनाकर एक उपन्यास लिखा है।

उत्तर: देवेंद्र सत्यार्थी।

(ग) इस………..से मैं उग्र हो जाता हूंँ।

उत्तर: थकान।

(घ) मेरे किनारों पर लगे बनो को…………… मनुष्य ने नष्ट कर दिया है।

उत्तर: लालची।

मेरा नया बचपन

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

(क) बचपन में ऐसी कौन-सी विशेषता होती है, जिसकी बार-बार याद आती है?

उत्तर: बचपन में हमारा मन निर्भय तथा स्वच्छंद होता है। हमें किसी का भी भय नहीं होता। निर्भय मन से हम खाते, खेलते तथा उछल कूद करते हैं। बिना किसी स्वार्थ के हम सभी से दोस्ती करते हैं और उनके साथ मस्ती मजाक करते हैं। बचपन की यही खास विशेषताएं है जिसकी हमें बार-बार याद आती है।

(ख) कवियत्री क्यों चाहती है कि उनका बचपन फिर से लौट आए?

उत्तर: कवियत्री जब छोटी बच्ची थी तब वह अपने आंगन में बिना किसी भय के यहांँ वहांँ फिरा करती थी। तब उन्हें किसी बात की चिंता नहीं थी। दिनभर खेलती और भूख लगने पर मांँ उसे खाना खिला दीया करती थी। रोने पर मांँ उसे गोदी में  उठाकर चूम चूमकर गीले गालों को सुखा दिया करती थी। बचपन का वह सरल जीवन जिसमें सिर्फ प्यार था, उसमें किसी प्रकार का छल या पाप नहीं था। बचपन की इन्हीं यादों को याद कर कवियत्री चाहती है कि उनका बचपन फिर से लौट आए।

(ग)’वह प्यारा जीवन निष्पाप’-का अर्थ स्पष्ट करो।

उत्तर: वह प्यारा जीवन निष्पाप इसका अर्थ यह है कि बचपन में हर एक बच्चे का दिल साफ और निर्मल होता है। बचपन का समय ही एक ऐसा समय है जिसमें न छल है न कपट वह बिल्कुल पाप से मुक्त होता है। अर्थात मिस पाप होता है।

(घ) ‘मेरा नया बचपन’ कविता के प्रतिपाद्य को स्पष्ट करो।

उत्तर:मेरा नया बचपन नामक कविता के माध्यम से सुभद्रा कुमारी चौहान ने अपनी बेटी के रूप में अपने ही बचपन को याद किया है। उनका कहना है कि उनको बचपन की वह मधुर स्मृति याद आ जाती है जब वह आंगन में खेला करती थी। मांँ के हाथों से खाना खाया करती थी, चिंता रहित निर्भय होकर यहांँ वहांँ फिरा करती थी। बचपन का वह अतुलित आनंद कवियत्री भुला नहीं सकती। इसीलिए बचपन को याद कर कवित्री बचपन को बुलाती है।

                कवियत्री को फिर से बचपन जीने का अनुभव अपनी बेटी के रूप में प्राप्त हुआ। जो बचपन उनसे भाग गया था वह फिर से बच्ची के रूप में लौट आया। जब बच्ची मांँ को मिट्टी खिलाने आती है तब इस बात से खुश होकर कवियत्री भी बच्ची बन जाती है और उसके साथ खूब खेलती, उसकी तरह खाती तथा तुतलाती है। अतः कवियत्री कहना चाहती है कि बचपन का समय ही एक ऐसा समय होता है जिसमें न छल कपट होता है और न ही छुआछूत की भावना उत्पन्न होती है। वह बिलकुल निर्मल तथा निष्पाप  होती है।

2. आशय स्पष्ट करो:

(क) बार बार आती है मुझको

       मधुर याद बचपन तेरी।

               गया ले गया तू जीवन की,

               सबसे मस्त खुशी मेरी।

उत्तर: इसका आशय यह है कि सुभद्रा कुमारी चौहान अपने बचपन को याद कर बचपन से कहती है कि- है बचपन तेरी मधुर यादें मुझे बार-बार याद दिलाती है। बचपन का वह खेलना, खाना, उछल कूद करना, मांँ के द्वारा गोदी में उठाकर प्यार करना ऐसे अनेक स्मृतियांँ कवियत्री को बचपन का स्मरण करा जाती है। अब जब वह बड़ी हो चुकी है उन्होंने अपने जीवन की सबसे खुशी भरे पल को गवा दिया है। इसलिए कवियत्री बचपन को ही कहती है कि मेरी जीवन की सबसे मस्त भरी खुशी तू मेरे से ले गया।

(ख) मैं बचपन को बुला रही थी,

       बोल उठी बिटिया मेरी,

               नंदन-वन-फुल उठी,

               यो छोटी सी कुटिया मेरी।

उत्तर: इसका आशय यह है कि जब कवियत्री अपने बचपन की यादों में खोकर अपने बचपन को बुला रही थी उसी समय उनकी बिटिया आकर ‘माँ ओ!’ कहकर पुकारने लगी। उसके पुकारने से कवियत्री की नंदन समान छोटी सी कुटिया फूल की तरह खिल उठा। उसके बुलाने से कवित्री को ऐसा एहसास हुआ कि मानो उनका बचपन वापस लौट आया है।

3. निम्नलिखित कथनों में से सही विकल्प को चुनो:

(क) कवियत्री को बार-बार बचपन की याद आती है क्योंकि-

उत्तर: बचपन अतुलित आनंद का भंडार होता है।

(ख) बड़े-बड़े मोती से आंसू-

उत्तर: जयमाला पहनाते थे।

(ग) बचपन में रोने पर कवियत्री की मांँ-

उत्तर: उन्हें गोद में उठाकर खूब प्यार करती थी।

(घ) कवियत्री की बिटिया उन्हें क्या खिलाने आई थी?

उत्तर: मिट्टी

4. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षेप में उत्तर दो:

(क) ‘मेरा नया बचपन’ कविता की रचयिता कौन है?

उत्तर: सुभद्रा कुमारी चौहान।

(ख) कवियत्री किसे बुला रही थी?

उत्तर: कवियत्री अपने बचपन को बुला रही थी।

(ग) कवियत्री को नया जीवन किस रूप में प्राप्त हुआ?

उत्तर: कवियत्री को नया जीवन अपनी बिटिया की मंजुल मूर्ति देखकर प्राप्त हुआ।

(घ) कवियत्री को मिट्टी खिलाने कौन आई थी?

उत्तर: कवियत्री को मिट्टी खिलाने उनकी बिटिया आई थी।

(ङ) अपनी बिटिया की किस बात से कवियत्री बहुत खुश हुई?

उत्तर: बिटिया द्वारा अपनी मांँ को मिट्टी खिलाने की बात से कवियत्री बहुत खुश हुई।

(च) कवियत्री के पास बचपन क्या बनकर आया?

उत्तर: कवियत्री के पास बचपन बेटी बनकर आया।

(छ) किसकी मंजुल मूर्ति देखकर कवियत्री में नव-जीवन जाग उठा?

उत्तर: अपनी बिटिया की मंजुल मूर्ति देखकर कवियत्री में नव-जीवन जाग उठा।

(ज) क्या तुम्हें भी बचपन प्रिय है? 

उत्तर: हांँ मुझे भी बचपन प्रिया है।

बाढ़ का मुकाबला

1. समीरण के गांँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में क्यों बाढ़ आई थी?

उत्तर: सावन का महीना होने के कारण कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। इसीलिए समीरण के गांँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में बाढ़ आई थी।

2. पाठ में उल्लेखित राहत शिविर की स्थिति का वर्णन करो।

उत्तर:पाठ में उल्लेखित राहत शिविर की स्थिति बिल्कुल खराब थी। लोगों को खाद्य, पानी, कपड़ा समेत सभी तरह की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा था। प्रतिदिन गंदगी फैलती जा रही थी जिससे बीमार होने का भी खतरा था। और तो और शिविर में स्नानागार, पेयजल, बिजली आदि न होने के कारण महिलाओं व शिशुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

3. समीरण के सहयोगियों के नाम लिखो।

उत्तर: सुमिरण के सहयोगियों के नाम है- अब्दुल, स्मृति, मृदुल, प्रियम, रश्मि आदि।

4. राहत शिविर में किन-किन सामग्रियों का अभाव था?

उत्तर: राहत शिविर में अनेक सामग्रियों का अभाव था जैसे- खाद्य, पानी, कपड़ा, दवाइयांँ, स्नानागार, पेयजल, बिजली आदि।

5. बाढ़ राहत संबंधी सभा में क्या-क्या निर्णय लिए गए?

उत्तर: बाढ़ राहत संबंधी सभा में यह निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री मुहैया कराने हेतु जिला उपायुक्त को एक आवेदन पत्र दिया जाए। साथ ही साथ स्वास्थ्य अधिकारी, बिजली विभाग व तकनीकी विभाग इन तीनों विभागों को भी शिकायती पत्र प्रदान किया जाए।

6. आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र लिखने में किसने समीरण और रश्मि की मदद की?

उत्तर: आवेदन पत्र और शिकायतें पत्र लिखने में माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री बरूवा जी ने समीरण और रश्मि की मदद की।

7. आवेदन-पत्र में उपायुक्त महोदय से क्या प्रार्थना की गई?

उत्तर: आवेदन पत्र में उपायुक्त महोदय से प्रार्थना की गई कि बाढ़ पीड़ितों की मदद हेतु यथोचित कदम उठाएँ। साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, नागरिक स्वास्थ्य व तकनीकी विभाग समेत सभी आपात विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर बाढ़ पीड़ितों के शिविर में आवश्यक सुविधाएंँ मुहैया कराया जाए।

8. शिकायती पत्र का विषय क्या था?

उत्तर: शिकायती पत्र का विषय था स्वास्थ्य संबंधी सुविधा। क्योंकि शिविर में प्रतिदिन गंदगी बढ़ती जा रही थी और गंदगी पैदा होने वाले मच्छरों की वजह से मलेरिया फैलने की भी आशंका थी। इसीलिए जल्द से जल्द गंदगी को हटाकर मच्छर मारने की दवाइयांँ, डी.डी.टी. का छिड़काव करना जरूरी था।

9. बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष कौन थे?

उत्तर: बाढ़ राहत संबंधी सभा के अध्यक्ष परमानंद दास जी थे।

10. बाढ़-पीड़ितों ने कब राहत की सांँस ली?

उत्तर: बाढ़ पीड़ितों ने तब राहत की सांँस ली जब जिला उपायुक्त के आदेश अनुसार प्रशासन की ओर से राहत शिविर में राहत सामग्री समेत मूलभूत सुविधाएंँ उपलब्ध कराई गई।

11. किस महीने में अधिक बरसात होती है?

उत्तर: सावन के महीने में अधिक बरसात होती है।

12. समीरण का गांँव किस नदी के किनारे स्थित था?

उत्तर: समीरण का गांँव धनशिरी नदी के किनारे स्थित था।

13. समीराण किस दल का नायक था?

उत्तर: समीराण विद्यालय के स्वयंसेवी दल का नायक था।

14. हिंदी के महीनों के नाम लिखो।

उत्तर: वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन और चैत।

भारत की भाषिक एकता

1. पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के जवाब दो:

(क) संसार का सबसे पहला ग्रंथ कौन-सा है?

उत्तर: ‘वेद’ ही संसार का सबसे पहला ग्रंथ है।

(ख) कालिदास ने किस भाषा में रचना की थी?

उत्तर: कालिदास ने संस्कृत भाषा में रचना की थी।

(ग) आर्य मूल की भाषाओं और अनार्य मूल की भाषाओं के दो-दो उदाहरण प्रस्तुत करो।

उत्तर: आर्य मूल में हिंदी, पंजाबी, असमिया यह सब आते हैं और अनार्य मूल की भाषाओं में मिसिंग, मिरि, गारो आदि आते हैं।

(घ) किन तत्वों के कारण भारतीय भाषाओं में एकता का भाव परिलक्षित होता है उल्लेख करो।

उत्तर: हमारा भारत देश बहु भाषीय देश है।हमारे यहांँ अलग-अलग मूलों की भाषाएंँ जैसे- द्रविड़, आस्ट्रिक, मंगोलीय और तिब्बत- बर्मी जैसे  अनेक मूलो की भाषाएँ बोलने वाले विभिन्न जातियों के लोग एक साथ मिलकर रहते आए हैं। इन्हीं तत्वों के कारण भारतीय भाषाओं में एकता का भाव परिलक्षित होता है।

(ङ) हिंदी भाषा की लिपि को क्या कहते हैं? इस लिपि का विकास किस प्राचीन लिपि से माना जाता है?

उत्तर: हिंदी भाषा की लिपि को ‘देवनागरी’ लिपि कहते हैं। इस लिपि का विकास प्राचीन ‘ब्राह्मी’ लिपि से माना जाता है।

(च) पाठ में कुछ तत्सम शब्दों का उल्लेख हुआ है, जैसे- स्वर्ग, देवता, शत, पुष्प,प्रिय, चतुर्थ, मध्य, वचन, नव आदि। इस प्रकार के कुछ और शब्द खोजकर एक तालिका बनाओ।

उत्तर: नीचे हम पाठ के आधार पर कुछ तत्सम शब्द के उदाहरण प्रस्तुत करने जा रहे हैं-

क्षेत्र, तत्व, निवास, संपर्क, प्रभाव, उत्कृष्ट, विशिष्ट, स्वीकृत, सिद्ध, आवश्यक, श्रद्धा, मृत्यु आदि।

(छ) हिंदी में अनेक विदेशी भाषाओं के शब्द प्रयुक्त होने लगे हैं। हिंदी में सामान्यतः व्यवहार होते रहने वाले कुछ अंग्रेजी और कुछ अरबी-फारसी शब्दों के उदाहरण दो।

उत्तर: हिंदी में सामान्यतः व्यवहार होते रहने वाले अंग्रेजी अरबी और फारसी शब्दों के उदाहरण को प्रस्तुत करने जा रहे हैं:-

(i)हिंदी में अंग्रेजी शब्द का प्रयोग:-

फिल्म, स्टेशन, लोन, इंटरनेट, टेबल प्राइवेट आदि।

(ii) हिंदी में अरबी शब्द का प्रयोग:-

कुर्सी, फैसला, हग, राय, दुनिया, शाम किताब आदि।

(iii) हिंदी में फारसी शब्द का प्रयोग:-

अदा, कबूतर, गोला, आवाज, उम्मीद, गुलाब आदि।

(ज)आधुनिक भारतीय भाषाओं में सबसे पहले किस भाषा में रामायण का अनुवाद हुआ था? बाद में किन-किन भाषाओं में रामायण का अनुवाद हुआ और उसके अनुवादक कौन-कौन थे पता करो और लिखो।

उत्तर: रामायण की रचना संस्कृत में वाल्मीकि ने किया था। उसके बाद वाल्मीकि रामायण के आधार पर प्रांतीय भाषाओं में भी रामायण का अनुवाद किए गया। जैसे- कंबल ने तमिल भाषा में रामायण का अनुवाद किया, माधव कन्दलि ने असमिया में तो तुलसीदास ने अवधी में रामायण का अनुवाद कर ‘रामचरितमानस’ की रचना की थी।

(झ) आओ इन तद्भव शब्दों के तत्सम रूप लिखें:

पिता, माता, भाई, घर, हाथ, पांँव, मोर।

उत्तर:- तद्भव                   तत्सम

          पिता          –          पितृ

          माता          –           मांँ

          भाई           –         भ्राता

           घर            –          गृह

           हाथ           –         हस्त

           पाँव           –          पग

          मोर             –         मयूर

2. कब एक भाषा मृत भाषा कहलाती है?

उत्तर: