ASSEB Class 9 Hindi Chapter 5 (आप भले ती जग भला) Question Answer 2026 | Class 9 Hindi Chapter 5 Solution

आप भले ती जग भला

(अ) सही विकल्प का चयन करो:

1. एक काँच के महल में कितने कुत्ते घुसे थे?
उत्तर: (ख) एक (টো শুদ্ধ হ’ব, কাৰণ কাহিনীত এটা কুকুৰ সোমোৱাৰ কথা আছে যিয়ে নিজৰ হাজাৰটা প্ৰতিবিম্ব দেখিছিল)।

2. काँच का महल किसका प्रतीक है?
उत्तर: संसार।

3. “निंदक बाबा वीर हमारा, बिनही कौड़ी बहै विचारा। आपन डूबे और को तारे, ऐसा प्रीतम पार उतारे।” – प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता कौन हैं?
उत्तर: दादू दयाल।

4. आदमी भूखा रहता है –
उत्तर: प्यार (प्रेम) का।

5. गांधीजी ने अहिंसा की तुलना सीमेंट से क्यों की है?
उत्तर: क्योंकि अहिंसा लोगों को सीमेंट की तरह एक-दूसरे से जोड़कर रखती है।

(आ) संक्षिप्त उत्तर दो:

1. दो कुत्तों की घटना का वर्णन करके लेखक क्या सीख देना चाहते हैं?
उत्तर: लेखक इस घटना के माध्यम से यह सीख देना चाहते हैं कि यह संसार एक दर्पण (शीशे) की तरह है। हम जैसा व्यवहार दूसरों के साथ करते हैं, वैसा ही व्यवहार हमें बदले में मिलता है। यदि हम दूसरों पर हँसेंगे, तो वे भी हम पर हँसेंगे; और यदि हम दूसरों पर गुस्सा करेंगे, तो वे भी हम पर क्रोध करेंगे। अतः ‘आप भले तो जग भला’ का सिद्धांत जीवन में अपनाना चाहिए।

2. लेखक ने संसार की तुलना काँच के महल से क्यों की है?
उत्तर: लेखक ने संसार की तुलना काँच के महल से इसलिए की है क्योंकि जिस प्रकार काँच के महल में हमें अपना ही प्रतिबिंब (सूरत) दिखाई देता है, वैसे ही संसार में हमें लोगों का व्यवहार हमारे अपने आचरण के अनुसार ही दिखाई देता है। यदि हम खुशमिजाज और नेक हैं, तो हमें दुनिया भी नेक लगेगी।

3. अब्राहम लिंकन की सफलता का सबसे बड़ा रहस्य क्या था?
उत्तर: अब्राहम लिंकन की सफलता का सबसे बड़ा रहस्य यह था कि वे किसी की अनावश्यक नुक्ताचीनी (आलोचना) करके उसका दिल नहीं दुखाते थे। वे दूसरों के प्रति दयालु और उदार थे और लोगों की बुराई करने के बजाय उनकी अच्छाई देखते थे।

4. लेखक ने गांधी और सरदार पृथ्वीसिंह के उदाहरण क्या स्पष्ट करने के लिए दिए हैं?
उत्तर: लेखक ने इन उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि प्रेम और अहिंसा के द्वारा कट्टर से कट्टर विरोधी का हृदय भी जीता जा सकता है। गांधीजी ने अपने प्रेमपूर्ण व्यवहार से सरदार पृथ्वीसिंह जैसे हिंसात्मक व्यक्ति को भी अपना मुरीद (शिष्य) बना लिया और उन्हें अहिंसा का मार्ग दिखाया।

5. रसोइया ने बिना खबर दिए लेखक के मित्र की नौकरी क्यों छोड़ दी?
उत्तर: लेखक के मित्र का स्वभाव बहुत चिड़चिड़ा था। वे रसोइये के काम में ज़रा सी गलती होने पर उसे बहुत डाँटते थे, लेकिन जब वह अच्छा खाना बनाता था, तब वे कभी उसकी प्रशंसा नहीं करते थे। निरंतर तिरस्कार और प्रशंसा के अभाव के कारण रसोइया तंग आकर बिना बताए नौकरी छोड़कर चला गया।

6. “अच्छा हो, सुकरात के इस विचार को मेरे मित्र अपने कमरे में लिखकर टाँग लें।” – लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?
उत्तर: लेखक के मित्र हमेशा दूसरों में दोष ढूँढते थे और खुद को परेशान रखते थे। सुकरात का विचार था कि मनुष्य को दूसरों के दोषों के बजाय अपने दोषों को देखना चाहिए। लेखक चाहते थे कि उनके मित्र इस विचार को पढ़कर अपने स्वभाव में सुधार लाएँ और दूसरों की आलोचना करने के बजाय आत्म-चिंतन करें, ताकि उनका जीवन सुखी और शांत हो सके।

(इ) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:

  1. अपने मित्र को परेशान देखकर लेखक को किस किस्से का स्मरण हो आता है?
    उत्तर: अपने मित्र को उदास और चिड़चिड़ा देखकर लेखक को एक विशाल काँच के महल का किस्सा याद आता है। उस महल में हज़ारों शीशे लगे थे। एक कुत्ता उसमें घुसा और हज़ारों प्रतिबिंबों को देखकर डर गया। उसने उन पर भौंकना और झपटना शुरू किया, तो उसे प्रतिबिंब भी वैसे ही करते दिखे। अंत में वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके विपरीत, दूसरा कुत्ता जब अंदर गया, तो उसने अपनी परछाइयों को देखकर प्यार से दुम हिलाया। उसे बदले में हज़ारों कुत्ते दुम हिलाते और प्यार करते दिखे। वह खुश होकर बाहर निकला। लेखक इस किस्से से यह बताना चाहते हैं कि दुनिया हमारे व्यवहार का ही प्रतिबिंब है।
  2. दुखड़ा रोते रहने वाले व्यक्ति का दुनिया से दूर किसी जंगल में चले जाना क्यों बेहतर है?
    उत्तर: यह दुनिया एक काँच के महल जैसी है, जहाँ हमारे अपने स्वभाव की छाया ही हम पर पड़ती है। जो व्यक्ति हमेशा दूसरों में दोष ढूँढता है, गुस्सा करता है और रोता रहता है, उसे दुनिया भी वैसी ही डरावनी और कड़वी लगती है। लेखक का मानना है कि यदि आप खुश नहीं रह सकते और दूसरों को खुशी नहीं दे सकते, तो समाज में रहकर वातावरण खराब करने से बेहतर है कि आप किसी जंगल में चले जाएँ, ताकि आपकी नकारात्मकता का असर दूसरों पर न पड़े।
  3. ‘प्रेम और सहानुभूति से किसी को भी अपने वश में किया जा सकता है।’ – यह स्पष्ट करने के लिए लेखक ने क्या-क्या उदाहरण दिए हैं?
    उत्तर: लेखक ने इस बात को सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित उदाहरण दिए हैं:

इमर्सन का उदाहरण: इमर्सन और उनका बेटा एक बछड़े को खींचकर कुटिया में लाना चाहते थे, पर बछड़ा नहीं आया। लेकिन जब उनकी नौकरानी ने प्यार से अपनी उँगली बछड़े के मुँह में डाली, तो वह चुपचाप पीछे-पीछे चला आया।

गांधीजी और पृथ्वीसिंह: गांधीजी ने अपनी अहिंसा और प्रेमपूर्ण व्यवहार से कट्टरपंथी पृथ्वीसिंह का हृदय परिवर्तन कर दिया।

अब्राहम लिंकन: लिंकन की सफलता का रहस्य दूसरों की आलोचना न करना और सहानुभूति रखना था।

रसोइये का उदाहरण: प्रशंसा के दो शब्द न मिलने और केवल डाँट सुनने के कारण रसोइया नौकरी छोड़ देता है, जो यह दर्शाता है कि हर इंसान प्रेम का भूखा है।

  1. लेखक ने अपने मित्र की किन गलतियों का वर्णन किया है?
    उत्तर: लेखक के अनुसार उनके मित्र की सबसे बड़ी गलती यह है कि वे हमेशा दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असफल रहते हैं। वे दूसरों की आलोचना करना अपना धर्म समझते हैं और हर किसी में दोष निकालते हैं। वे अपने नौकरों पर चिल्लाते हैं और यह मानते हैं कि केवल वे ही सही हैं और बाकी दुनिया मूर्ख है। उनमें सहानुभूति और दूसरों की प्रशंसा करने के गुण की भारी कमी है।
  2. इस पाठ के आधार पर बताओ कि ‘हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।’
    उत्तर: * क्या करना चाहिए: हमें दूसरों के साथ प्रेम और नम्रता से व्यवहार करना चाहिए। दूसरों के गुणों की प्रशंसा करनी चाहिए और उनकी गलतियों को सहानुभूति के साथ सुधारने का प्रयास करना चाहिए। हमें आत्म-चिंतन करना चाहिए और अपने दोषों को सुधारना चाहिए।

क्या नहीं करना चाहिए: हमें दूसरों की अनावश्यक नुक्ताचीनी (आलोचना) नहीं करनी चाहिए। हमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा और अहंकार त्याग देना चाहिए। किसी का दिल दुखाने वाली बातें नहीं बोलनी चाहिए और दूसरों पर अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

संक्षिप्त प्रश्न (Short Type Questions)

1. दो कुत्तों की घटना का वर्णन करके लेखक क्या सीख देना चाहते हैं?
उत्तर: लेखक यह सीख देना चाहते हैं कि दुनिया हमारे प्रति वैसी ही हो जाती है जैसे हम खुद होते हैं। यदि हम प्रेम देंगे, तो प्रेम मिलेगा; और यदि हम घृणा करेंगे, तो बदले में घृणा ही मिलेगी।

2. लेखक ने संसार की तुलना काँच के महल से क्यों की है?
उत्तर: क्योंकि काँच के महल में जैसे हमें अपनी ही सूरत दिखाई देती है, वैसे ही संसार में हमें लोगों का व्यवहार हमारे अपने आचरण के अनुसार ही अनुभव होता है।

3. अब्राहम लिंकन की सफलता का सबसे बड़ा रहस्य क्या था?
उत्तर: उनकी सफलता का रहस्य यह था कि वे किसी की अनावश्यक बुराई नहीं करते थे और सबके प्रति सहानुभूति रखते थे।

4. लेखक ने गांधी और सरदार पृथ्वीसिंह के उदाहरण क्यों दिए हैं?
उत्तर: यह स्पष्ट करने के लिए कि प्रेम और अहिंसा के मार्ग पर चलकर किसी भी कठोर हृदय व्यक्ति को जीता और सुधारा जा सकता है।

5. रसोइया ने बिना खबर दिए लेखक के मित्र की नौकरी क्यों छोड़ दी?
उत्तर: क्योंकि लेखक के मित्र हमेशा उसे डाँटते थे और कभी भी उसके अच्छे काम या अच्छे भोजन की प्रशंसा नहीं करते थे।

6. “अच्छा हो, सुकरात के इस विचार को मेरे मित्र अपने कमरे में लिखकर टाँग लें।” लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?
उत्तर: क्योंकि सुकरात का वह विचार आत्मज्ञान का प्रतीक है। लेखक चाहते हैं कि उनके मित्र अपनी गलतियों को पहचानें और दूसरों को मूर्ख समझने के बजाय अपने व्यवहार में सुधार लाएँ।

7. ‘आप भले तो जग भला, आप बुरे तो जग बुरा।’ इसका अर्थ क्या है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि यदि हमारा अपना स्वभाव और दृष्टिकोण अच्छा है, तो हमें पूरी दुनिया अच्छी लगेगी। लेकिन यदि हम खुद बुरे हैं, तो हमें चारों ओर बुराई ही नज़र आएगी।

8. बापू ने पृथ्वीसिंह को रहने के लिए क्यों कहा?
उत्तर: बापू ने पृथ्वीसिंह को अपने आश्रम में रहने के लिए इसलिए कहा ताकि वे सेवा और प्रेम के वातावरण में रहकर ‘अहिंसा’ का वास्तविक पाठ सीख सकें।

9. ग्रीस के महान संत सुकरात ने क्या कहा था?
उत्तर: सुकरात ने कहा था कि जो मूर्ख यह जानता है कि वह मूर्ख है, वह ज्ञानी है; लेकिन जो मूर्ख यह नहीं जानता कि वह मूर्ख है, वह सबसे बड़ा मूर्ख है।

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