Might Learn Logo Might Learn Shop Might Learn

AJB Class 8 Hindi Chapter 8 Answer 2026 | हिरोशिमा | Lesson 8 | Class 8 Hindi Answer Jatiya Bidyalay | Class 8 Hindi Question answer Assam Jatiya Bidyalay | Assamese Medium | Assam Board | অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দীৰ উত্তৰ । অসম জাতীয় বিদ্যালয়

Lesson 8

हिरोशिमा

1. संपूर्ण वाक्य में उत्तर दो:

(क) हिरोशिमा कविता के कवि कौन है?

उत्तर: हिरोशिमा कविता के कवि हैं सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’।

(ख) किस बम से हिरोशिमा पर आक्रमण किया गया था?

उत्तर: एटम बम से हिरोशिमा पर आक्रमण किया गया था।

(ग) कवि न एटम बम की तुलना किसके साथ की है?

उत्तर: कवि ने एटम बम की तुलना सूरज के साथ की है।

(घ) अज्ञेय जी का जन्म कब और कहांँ हुआ था?

उत्तर: अज्ञेय जी का जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के कसया शिविर में सन 1911 ई. के 7 मार्च को हुआ था।

(ङ) आपने कब असम भ्रमण किया था?

उत्तर: अज्ञेय जी सन 1935-45 के दौरान सेना में थे, उसी समय आपने असम का भ्रमण क्या था।

(च) आपने किन पत्रिकाओं का सम्पादन किया था?

उत्तर: आपने सैनिक, विशाल भारत, दिनराम और नवभारत टाइम्स जैसे पत्रिकाओं का सम्पादन किया था।

(छ) अज्ञेय के श्रेष्ठ उपन्यास क्या क्या है?

उत्तर: ‘शेखर एक जीवनी’ और ‘नदी के द्वीप’ शेखर के श्रेष्ठ उपन्यासों में से है।

(ज) किसे देखकर कवि ने प्रस्तुत कविता लिखी है?

उत्तर: एक झुलसे हुए पत्थर को देखकर कवि ने यह प्रस्तुत कविता लिखी है।


2. सही विकल्प चुनों:

(क) सच्चिदानंद हीरानंद वात्सायन का उपनाम है-

उत्तर: अज्ञेय।

(ख)’हिरोशिमा’ में एटम बम किसने गिराया था?

उत्तर: अमेरिका ने।

(ग)’अज्ञेय’ को अंग्रेजों ने कितने साल की सजा दी थी?

उत्तर: चार साल की।

(घ) अज्ञेय जी को कौन-सा पुरस्कार प्राप्त हुआ था?

उत्तर: ज्ञानपीठ पुरस्कार।।


3. तीस-चालीस शब्दों में उत्तर दो:

(क) प्रकृति के सूरज और मानव निर्मित सूरज में क्या अंतर है?

उत्तर: प्रकृति का सूरज अपने साथ एक नई उम्मीद एक नई आशा लेकर मनुष्य के बीच आता है। परंतु मानव निर्मित सूरज मानव को नष्ट करने आता है। जहांँ-जहांँ सूरज के किरणें पड़ती है वहांँ जीवन का संचार होता है, जबकि मानव निर्मित सूरज के किरणें जहांँ निकलती है वहांँ सबको भाप बना देती है। अर्थात प्रकृति का सूरज जीवन देता है, जब कि मानव निर्मित सूरत जीवन लेता है।

(ख) “मानव का रचा……….. सोख गया” का भाव स्पष्ट करो।

उत्तर: कवि अज्ञेय जी ने मानव द्वारा निर्मित एटम बम को सूरज के साथ तुलना किया है। क्योंकि प्रकृति के सूरज से जो रोशनी उत्पन्न होती है, ठीक वैसे ही एटम बम के फटने से सूरज की भांति रोशनी उत्पन्न होती है। कवि ने हिरोशिमा और नागासाकी में जो एटम बम गिराए गए थे उसकी निंदा की है। वे कहते हैं कि पहले हिरोशिमा और नागासाकी में सूरज के निकलते ही एक नई जिंदगी शुरू हो जाती थी, लोग हमेशा की तरह एक नई उम्मीद और आशा लिए अपने अपने कामों में लग जाते थे, लेकिन जब मानव द्वारा बनाया गया एटम बम  शहर के बीचो बीच फटा तो मानव को ही भाप बनाकर सोख गया। अर्थात मानव आज खुद अपने विनाश के लिए एटम बम जैसे परमाणु हथियारों का निर्माण कर रहा है।

(ग) हिरोशिमा के संदर्भ में युद्ध के मारक अस्त्रों के प्रति कवि का क्या कहना है?

उत्तर: हिरोशिमा के संदर्भ में युद्ध के मारक अस्त्रों के प्रति कवि का कहना है कि यह मानव निर्मित सूरज मानव के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण जीव के लिए हानिकारक है। जिसके फटने से संपूर्ण जीव मात्र को नष्ट कर देता है। इस के प्रकोप से कोई नहीं बच पाता। तथा यह सूरज जीब के लिए महाकाल है।

(घ) एटम बम की संहारी किरणों ने किस तरह पल भर में पूरे शहर को ध्वंस कर दिया था लिखो।

उत्तर: एटम बम की संहारी किरणों के बीच जो भी आया सब पल भर में राख हो गए। छोटे से लेकर सभी बड़े जीव जंतु तक इसके चपेट में आ गए।  शहर के बीचो बीच एटम बम गिरते ही चारों ओर एकदम से सूरज की भांति किरणें निकलने लगी और उस किरणों के बीच जो भी आया सब जलकर भस्म हो गए। उसने किसी को संभलने तक का मौका नहीं दिया। सहरसा जो जहांँ था वहीं जलकर भाप बनकर उड़ गया।


4. आशय स्पष्ट करो:

(क) कुछ क्षण का………. प्रज्वलित क्षण की।

उत्तर: प्रकृति का सूरज पूर्व दिशा से धीरे-धीरे उदय होता है। पर मानव निर्मित सूरज अर्थात एटम बम शहर के बीचो बीच प्रज्वलित होता है, वह भी क्षण भर के लिए। जैसे ही उदय होता है अगले ही क्षण अस्त भी हो जाता है। उस छोटे से क्षण में सोख लेने वाली दोपहर दिख तो जाती है पर उसके बाद चारों ओर ध्वंसत्मक रूप देखने को मिलता है। सब जीव जंतु जलकर पल भर में राख बन जाते हैं।

(ख) पत्थर पर……….. मानव की साखी है।

उत्तर: यहांँ कवि का कहना है कि मानव का रचा हुआ सूरज मानव को ही भाप बनाकर सोख गया। अर्थात मानव द्वारा निर्मित एटम बम की उर्जा इतनी थी कि उसके फटने से मनुष्य का नामो निशान मिट गया। मनुष्य के हड्डी तक नहीं बच्ची, मानो सब भाप बनकर उड़ गए। लेकिन मनुष्य की छाया झुलसे हुए पत्थरों पर सदा के लिए अंकित हो गए। और यह छाया इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि मानव ही मानव के लिए विनाश का कारण बन गया है।


5. व्याकरण:

(क) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ का अंतर स्पष्ट करो:

उत्तर:

अंक – संख्या

अंग – शरीर का अंग

उपेक्षा – निरादर

अपेक्षा – इच्छा

अली – चिर

अलि – चीर

तरणि – सूर्य

तरणी – नौका

कंकाल – हड्डी

कंगाल – दरिद्र

कुल – वंश

कूल – किनारा

चिर – पुराना

चीर – कपड़ा

कृपण – कंजूस

कृपाण – तलवार

अंस – कंधा

अंश – हिस्सा

अवधी – अवध की बोली

अवधि – सीमा

अभिराम – लगातार

अविराम – सुंदर

कलि – कलयुग

कली – फूलों की कली

गज – मापनी

गज – हाथी

जरा – थोड़ा

ज़रा – बुढ़ापा

नीर – पानी

नीड़ – घोंसला


(ख) विलोम शब्द लिखो:

उत्तर:

आदर्श – अनादर्श

आशा – निराशा

आलस्य – परिश्रमी

इहलोक – परलोक

उर्वर – ऊसर

कटु – मधुर

कृतज्ञ – कृतघ्न

गहरा – उथला

ठोस – नरम

देव – दानव

दुर्लभ – सुलभ

निंदा – प्रशंसा

उन्नति – पतन

उद्यमी – अलसी

उतार – चढ़ाव

गुप्त – खुलासा

चर – अचर

जड़ – चेतन

परकीया – स्वकीय

प्रेम – घृणा

बाढ़ – सूखा


6. उपयुक्त शब्द के द्वारा वाक्यों

के रिक्त स्थानों की पूर्ति करो:

(क) सभी ग्रंथों को…….. से सजा कर लिखो। (क्रम/कर्म)

उत्तर: क्रम

(ख) सेना फील्ड के……..परेड कर रही है। (अंदर/अंतर)

उत्तर: अंदर

(ग) रामचरित मानस……भाषा में लिखी गई। (अवधि/अवधी)

उत्तर: अवधी

घ) सुबह से शाम तक……….  वर्षा हो रही है।(अभिराम/अविराम)

उत्तर: अभिराम।

(ङ) आंँख हमारा एक……. है। (अंग/अंक)

उत्तर: अंग।

(च) गीता…….. सीता एक साथ खेल रही है। (और/ ओर)

उत्तर: और।

(छ) घर…….. कौन-कौन है? (में/मैं)

उत्तर: में।

(ज) गांधी जी ने कहा था………अहिंसा ही परम धर्म है। (कि/की)

उत्तर: कि।

(झ) गुलाब की……… बहुत मोहक होती है। (कलि/कली)

उत्तर: कली।

(ञ) मनुष्य की………अवस्था बहुत ही दयनीय होती है। (जरा/ज़रा)

उत्तर: ज़रा।

(ट) प्रमिला में कविता के लिए दो घंटे तक की………..की। (अपेक्षा/उपेक्षा)

उत्तर: अपेक्षा।

(ठ) इस बार परीक्षा में………. 100 नंबर का उत्तर लिखना होगा। (कूल/कुल)

उत्तर: कुल।

✏️

এই Post টো Update কৰাত সহায় কৰিব বিচাৰে নেকি?

ইয়াত কিবা ভুল, অসম্পূৰ্ণ তথ্য বা নতুন তথ্য থাকিলে আপুনি এটা উন্নত version প্ৰস্তুত কৰিব পাৰে। Live Post তৎক্ষণাৎ সলনি নহ'ব।

Update This Post

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
🎓 My Class

My Subjects