उसने कहा था
- ‘उसने कहा था’ के कहानीकार कौन है?
उत्तर: मणिलाल जैन - ‘तेरी कुड़माई हो गई ?’-यह वाक्य किसने किससे पूछा था?
उत्तर: लहना सिंह ने अपनी पत्नी से पूछा था। - ‘बिना फेरे घोड़ा बिगड़ता है और बिना लड़े सिपाही’- कथन की पुष्टि कीजिए?
उत्तर: यह कथन युद्ध के अनुशासन और तैयारी के महत्व को दर्शाता है। - ‘यह मेरी भिक्षा है, तुम्हारे आगे मैं आंचल पसारती आरती हूं’- यह किसका कथन है?
उत्तर: यह कथन सूबेदारनी का है। - बजीरा सिंह कौन है?
उत्तर: बजीरा सिंह लहना सिंह का साथी सैनिक है। - लपटन साहब की वर्दी पहन कर लहना सिंह के पास कौन आया था?
उत्तर: एक सैनिक आया था जो सूबेदारनी के आदेश पर लहना सिंह के पास गया। - “और जब घर जाओ तो कह देना कि मुझसे जो उसने कहा था, वह मैंने कर दिया।”- सूबेदारनी ने लहना सिंह से क्या कहा था?
उत्तर: सूबेदारनी ने यह कहा कि घर जाकर यह बताना कि युद्ध में जो कार्य उसने कहा था, वह पूरा कर दिया गया। - प्रस्तुत कहानी का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: कहानी का उद्देश्य युद्ध, कर्तव्य, साहस और मानव संबंधों को उजागर करना है। - प्रस्तुत कहानी की विशेषताओं को रेखांकित कीजिए।
उत्तर:
युद्ध और सैनिक जीवन का यथार्थ चित्रण
सैनिकों के साहस और अनुशासन का प्रदर्शन
पारिवारिक जीवन और मानवीय भावनाओं का समावेश
भावनात्मक और नैतिक संदेश
- युद्ध भूमि में लहना सिंह क्यों झूठ बोलता है?
उत्तर: लहना सिंह अपने साथी सैनिकों और परिवार की सुरक्षा तथा आदेशों के पालन के लिए झूठ बोलता है। - लहना ने अपने पारिवारिक जीवन के संबंध में क्या संकेत दिया है?
उत्तर: लहना सिंह ने संकेत दिया कि परिवार उसकी चिंता का मुख्य कारण है और वह अपने कर्तव्य और परिवार दोनों में संतुलन बनाए रखना चाहता है। - व्याख्या कीजिए-
“मृत्यु के कुछ समय पहले स्मृति बहुत साफ हो जाती है। जन्म भर की घटनाएं एक-एक करके सामने आती हैं। सारे दृश्यों के रंग साफ होते हैं, समय की ढूंढ बिल्कुल उन पर से हट जाती है।”
उत्तर:
यह कथन यह दर्शाता है कि मृत्यु के समीप मनुष्य की यादें स्पष्ट हो जाती हैं। जीवन के सभी महत्वपूर्ण दृश्य और घटनाएँ आँखों के सामने जीवंत हो उठती हैं। समय का प्रभाव कम हो जाता है और अनुभवित घटनाओं के रंग और भाव पूर्ण रूप से स्मृति में आते हैं।