रहीम के दोहे
1. रहीम का प्रकृत नाम क्या है?
उत्तर: दरबारी रहीम का वास्तविक नाम अब्दुल रहीम खान-ए-खाना था।
2. रहीम किस काल के कवि हैं?
उत्तर: रहीम मुग़ल काल (16वीं सदी) के प्रसिद्ध कवि और दरबारी कवि थे।
3. सुदामा कौन है? कृष्ण ने उनकी दुर्गति को कैसे खत्म किया?
उत्तर: सुदामा भगवान कृष्ण के मित्र और भक्त थे। उनकी गरीबी और दुर्गति देखकर कृष्ण ने उन्हें अपनी महल में बुलाकर समृद्धि प्रदान की।
4. रहीम के अनुसार क्षमा किसको करनी चाहिए?
उत्तर: रहीम के अनुसार क्षमा करनी चाहिए उन लोगों को, जो हमारे प्रति दुर्भावना रखते हैं।
5. मन की व्यथा मन ही रखने को रहीम क्यों कह रहे हैं?
उत्तर: क्योंकि मन की पीड़ा और व्यथा दूसरों को बताने से लाभ नहीं, बल्कि नुकसान हो सकता है। इसे मन ही रखना बुद्धिमानी है।
6. रहीम के ‘दोहे’ से कौन-सी शिक्षा मिलती है?
उत्तर: रहीम के दोहे हमें जीवन में क्षमा, बुद्धिमानी, मित्रता, भक्ति और धैर्य की शिक्षा देते हैं।
व्याख्या
(क) ‘रहिमन निज सम्पति बिना, कोउ ना बिपति सहाय।
बिनु पानी ज्यों जलज को, नहिं रवि सकै बचाय।।’
उत्तर: मतलब: अपने संसाधनों और शक्ति के बिना कोई आपकी विपत्ति में मदद नहीं कर सकता। जैसे बिना पानी के जलज की रक्षा सूर्य नहीं कर सकता।
(ख) ‘रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखहु गोय।
सुनि अठिलैंहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।।’
उत्तर: मतलब: मन की पीड़ा को केवल अपने मन में रखें। लोग सुन लें, पर बांटकर नहीं ले सकते।
(ग) ‘तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहिं न पान।
कहि रहीम पर काज हित, संपत्ति-संचहि सुजान।।’
उत्तर: मतलब: फूलों से फल नहीं निकलता और पानी से ही सरवर नहीं पीता। इसी तरह संपत्ति का सही उपयोग ज्ञानी ही कर सकते हैं।
भावार्थ स्पष्ट कीजिए
(क) ‘रहिमन बिपदा हू भली, जो थोरे दिन होय।
हित अनहित या जगत में, जानि परत सब कोई।।’
उत्तर: मतलब: रहीम कहते हैं कि थोड़े समय की विपत्ति अच्छी है, क्योंकि सभी को समय आने पर लाभ और हानि का पता चल जाता है।
(ख) ‘जे गरीब पर हित करैं, ते रहीम बड़ लोग।
कहा सुदामा बापुरो, कृष्ण मिताई जोग।।’
उत्तर: मतलब: जो गरीब पर भला करता है वही सच्चा महान व्यक्ति है। जैसे सुदामा ने कृष्ण के प्रति भक्ति की और कृष्ण ने उसे समृद्धि दी।
लघु प्रश्न उत्तर
(क) अकबर ने रहीम को किस उपाधि से सम्मानित किया था?
उत्तर: खाना-ए-खाना
(ख) रहीम किसके भक्त थे?
उत्तर: भगवान कृष्ण के भक्त थे।
(ग) रहीम जी की किसी दो प्रसिद्ध रचनाओं के नाम लिखो।
उत्तर: ‘सुधामंगल’ और ‘दीवान-ए-हकीम’