कबीर के पद
1. कबीर के राम कौन थे?
उत्तर: कबीर के राम सच्चाई, परमात्मा और भीतर की चेतना के प्रतीक हैं।
2. तीन लोक से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: तीन लोक: स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल; मानव जीवन के भौतिक, आध्यात्मिक और नैतिक आयाम।
3. ‘सींचौ पेड़ पीवै सब डारी’ से कबीरदास क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर: व्यक्ति केवल बाहरी कर्मों में लगकर भक्ति नहीं कर सकता; असली भक्ति और फल केवल सच्चे मन और श्रद्धा से मिलता है।
4. कबीर के अनुसार मनुष्य की मुक्ति कैसे हो सकती है?
उत्तर: सत्य, भक्ति और ईश्वर का स्मरण करके, बुराई और मोह से दूर रहकर।
5. भ्रम में पड़कर मनुष्य क्या करते रहते हैं?
उत्तर: वे सांसारिक मोह, जाति, कर्मकाण्ड और बाहरी रीति-रिवाजों में उलझे रहते हैं।
6. पठित पदों के आधार पर कबीर की भक्ति-भावना का परिचय दीजिए।
उत्तर:
कबीर भक्ति में सरलता, सच्चाई और प्रेम को महत्व देते हैं।
उन्होंने बाहरी रीति-रिवाजों से ऊपर उठकर आत्मा और ईश्वर की साधना का संदेश दिया।
उनका भक्ति मार्ग सामाजिक और नैतिक चेतना से जुड़ा है।
व्याख्या
(क) अब मोहि राम भरोसा तेरा, … कहै कबीर सेबी बनवारी, सींचौ पेड़ पीवै सब डारी।
उत्तर: कबीर कहते हैं कि ईश्वर पर भरोसा जरूरी है; बिना सच्ची भक्ति और श्रद्धा के बाहरी कर्म व्यर्थ हैं।
(ख) राम कहौ न अजहूँ केते दिना, जब है है प्राँन तुम्ह लीनाँ। … कहै कबीर दुखभंजना, करौ दया दुरत निकंदना।
उत्तर: कबीर बताते हैं कि जीवन अनिश्चित है, हर समय ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए।
दया, करुणा और दूसरों के दुख दूर करने से वास्तविक मोक्ष मिलता है।
लघु प्रश्न उत्तर
(क) कबीरदास का जन्म कब और कहां हुआ था?
उत्तर: 1398 ई. में वाराणसी (काशी) के निकट।
(ख) कबीरदास किसे अशांति का कारण मानते थे?
उत्तर: अहंकार, पाखंड और अज्ञानता को।
(ग) कौन सी रचना कबीर की प्रमाणिक रचना है?
उत्तर: बीजक।
(घ) बीजक के कितने भाग हैं और वह क्या-क्या है?
उत्तर: बीजक के चार भाग हैं – ‘रामानी’, ‘सखी’, ‘उपनिषद’, और ‘साखी’।