सूरदास के पद
1. सूरदास ने कृष्ण के बाल रूप का कैसा वर्णन प्रस्तुत किया है?
उत्तर: सूरदास ने बालक कृष्ण का वर्णन बहुत ही मनोहारी, चंचल और अलौकिक रूप में किया है। उनके बाल रूप में मासूमियत, शरारत और दिव्यता का अद्भुत मिश्रण दिखाया गया है।
2. पुत्र के मुंँह को देखकर यशोदा की प्रतिक्रिया कैसी हुई?
उत्तर: यशोदा कृष्ण के मुंह में माखन देखकर चकित और प्रसन्न हुईं। वे उनके बाल रूप की ममता और आकर्षण से अभिभूत हो गईं।
3. ‘तीन लोक’ का तात्पर्य क्या है?
उत्तर: तीन लोक: स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल। यह दर्शाता है कि कृष्ण की लीला और प्रभाव सभी लोकों में फैली हुई है।
4. ‘बाल लीला’ विषयक सूर के पदों का भावार्थ प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
कृष्ण की बाल लीला में उनकी शरारत, खेल-कूद और माखन चोरी का वर्णन है।
यह लीला भक्ति भाव और ईश्वर के प्रति प्रेम की अनुभूति उत्पन्न करती है।
भक्तों में आनंद और श्रद्धा की भावना जागृत होती है।
5. बालक कृष्ण को लेकर माता यशोदा के मन में कैसी अभिलाषा थी?
उत्तर: यशोदा चाहती थीं कि उनका बालक सुरक्षित, खुश और दुष्टताओं से दूर रहे। उनके मन में कृष्ण के लिए ममता, प्रेम और सुरक्षा की गहन अभिलाषा थी।
व्याख्या
(क) हरि किलकत जसुमति की कनियाँ।
सूर श्याम की अदभुत लीला नहिं जानत मुनि जनिया।।
उत्तर:
सूरदास कहते हैं कि हरि (कृष्ण) जसुमति की कन्या यशोदा के घर में शरारत करता है।
उसकी अद्भुत लीला को साधु-संत और मुनि भी पूरी तरह समझ नहीं सकते।
(ख) जसुमति मान अभिलाष करै।
सूरदास ब्रज-लोग सुनत धुनि, जो जहँ-तहँ सब अतिहिं डरै।।
उत्तर:
यशोदा अपने बालक कृष्ण के लिए ममता और अभिलाषा रखती हैं।
सूरदास बताते हैं कि ब्रज-लोग उनकी लीला सुनकर आनंदित और भयभीत दोनों होते हैं, क्योंकि कृष्ण की लीला अद्भुत और चमत्कारी है।