AJB Class 6 Hindi Chapter 6 Answer रहो बड़े के संग

रहो बड़े के संग

Lesson-6

  1. संक्षेप में उत्तर दो:

(क) फूल से खेलने से क्या होता है?

उत्तर: फूल से खेलने से सुगंध पाते हैं।

(ख) धूल से खेलने से क्या होता है?

उत्तर: धूल से खेलने से गंदे हो जाते हैं।

(ग) कौए का साथ देने पर कैसी बोली बोलनी पड़ती है?

उत्तर: कौए का साथ देने पर कड़ुए बोली बोलनी पड़ती है।

(घ) कोयल का साथ देने पर लोग कैसी बोली बोलते हैं?

उत्तर: कोयल का साथ देने पर लोग मीठी बोली बोलते हैं।

(ङ) बड़े बनने के लिए किसके साथ रहना चाहिए?

उत्तर: बड़े बनने के लिए बड़े के साथ रहना चाहिए।

(च) प्रस्तुत कविता में ‘बड़े के संग रहेंगे’ का मतलब क्या है?

उत्तर: प्रस्तुत कविता में ‘बड़े के संग रहने’ का मतलब ज्ञानी गुनी व्यक्तियों के साथ रहने से हैं।

  1. गजा भाषा में लिखो:

(i) खेलोगे तुम अगर फूल से,

तो सुगंध पा जाओगे।

खेलोगे तुम अगर भूल से,

तो गंदे बन जाओगे।

उत्तर: प्रस्तुत पंक्तियों के जरिए कवि यह कहना चाहते हैं कि अगर हम फूल से खेलते हैं तो उस फूल से हमें सुगंध मिलेगी। और अगर हम धूल से खेलते हैं तो हम उस धूल से गंदे हो जाते हैं। अर्थात यहांँ कहने का भावार्थ यह है कि अगर हम अच्छे लोगों के साथ रहते हैं, तो उनके अच्छे गुणों का प्रभाव हम पर भी पड़ेगा। और अगर हम बुरे लोगों के साथ रहेंगे तो हमारा स्वभाव भी उनकी तरह गंदा हो जाएगा। यहांँ प्रतीक के रूप में कवि ने फूल को अच्छे लोगों के साथ तो धूल को बुरे लोगों के साथ दर्शाया है।

(ii) कौए का यदि साथ करोगे,

तो बोलोगे कड़ुए बोल।

कोयल का यदि साथ करोगे,

तो दोगे तो मिश्री घोल।

उत्तर: प्रस्तुत पंक्तियों के जरिए कवि ने यहांँ कौए को बुरे लोगों का प्रतीक तो, कोयल को अच्छे लोगों का प्रतीक माना है। कवि कहना चाहते हैं कि अगर हम बुरे लोगों के साथ रहेंगे तो हम भी उनकी तरह कड़वे बोल ही बोलेंगे। हमेशा कौए की तरह कांँव-कांँव करते रहेंगे, हमारे मुंँह से कभी अच्छी बातें नहीं निकलेगी। दूसरी ओर अगर हम अच्छे लोगों के साथ रहते हैं तो हमारी बोली भी उनकी तरह मीठी होगी। अर्थात कोयल की भांति मधुर स्वर में हम एक दूसरे के साथ बातें करेंगे।

  1. आशय स्पष्ट करो:

जैसा भी रंग रंगना चाहो,

घोलो वैसा ही रंग।

अगर तुम बड़े बनना चाहो,

तो तुम रहो बड़ों के संग।

उत्तर: इन पंक्तियों का आशय यह है कि हम अपने जीवन में जैसा भी बनना चाहे हम वैसे बन सकते हैं। यह खुद पर निर्भर करता है कि हम अच्छे का चुनाव करते हैं या बुरे का। हम जिसका भी चुनाव करेंगे वह अच्छा हो या बुरा, हम उन लोगों के रंग में रंग जाएंगे। इसलिए अगर हमें बड़ा बनना है, तो हमें बड़े लोगों के साथ एवं जो गुनी ज्ञानी है उनके साथ उठक बैठक करना चाहिए। तभी हम बड़े बन सकते हैं।

  1. सही उत्तर चुनकर लिखो:

(i) कोयल के साथ रहने पर हमारी बोली-

उत्तर: मीठी होती है।

(ii) बड़े बनने के लिए रहना चाहिए-

उत्तर: बड़ों के साथ।

(iii) सुगंध पाने के लिए रहना चाहिए-

उत्तर: फूलों के साथ।

  1. भाषा अध्ययन:

(क) पर्यायवाची शब्द लिखो:

उत्तर: कोयल – कोकिला

फूल – पुष्प

धूल – मिट्टी

गंदगी – मैला

चाह – इच्छा

(ख) लिंग-निर्णय करो:-

उत्तर: फूल – पुलिंग

बोली – स्त्रीलिंग

कौआ – पुलिंग

कोयल – स्त्रीलिंग

बात – स्त्रीलिंग

(ग) वाक्य बनाओ:

उत्तर:

मीठी: कोयल अपनी मीठी आवाज से सबका मन मोह लेती है।

कड़ुआ: बुरे लोगों के साथ उठक बैठक करने से वह भी कड़ुआ बोल बोलने लगा है।

साथ: एक साथ मिल जुल कर रहना चाहिए।

संगति: अच्छे लोगों के साथ रहोगे तो अच्छी संगति का प्रभाव पड़ेगा।

सहायता: हमें एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए।

Reetesh Das

M.A in Hindi

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