ASSEB Class 9 Hindi Chapter 13 (गांँव से शहर की ओर) Question Answer 2026 | Class 9 Hindi Chapter 13 Solution

गांँव से शहर की ओर

(अ) सही विकल्प का चयन करो:

1. कवि ने गाँव से शहर की ओर निकलने के बाद क्या अनुभव किया?
उत्तर: उनकी पहुँच गाँव के बाहर नहीं है। (अर्थात वे भावनात्मक रूप से गाँव से ही बँधे थे)।

2. शहर से गाँव की सैर को निकलने के पश्चात कवि को कैसा लगा?
उत्तर: गाँव तक उनकी पहुँच नहीं रही। (अर्थात आधुनिकता के कारण गाँव का वह पुराना स्वरूप अब बदल चुका है)।

3. कवि इस कविता के माध्यम से यही कहना चाहते हैं कि-
उत्तर: अब गाँव के लोग शहर की ओर आकर्षित होने लगे हैं और वे पुनः गाँव की सादगी की ओर लौटना नहीं चाहते।

(आ) पूर्ण वाक्य में उत्तर दो:

1. पहली बार लेखक कहाँ सैर करने निकले थे?
उत्तर: पहली बार लेखक गाँव की सीमाओं को लांघकर ‘शहर’ की ओर सैर करने निकले थे।

2. दूसरी बार लेखक कहाँ सैर करने निकले?
उत्तर: दूसरी बार लेखक शहर की चकाचौंध से दूर पुनः अपने ‘गाँव’ की ओर सैर करने निकले।

3. ‘गाँव के बाहर हमारी पहुँच नहीं है’ – हमारे जीवन की किस स्थिति का परिचायक है?
उत्तर: यह कथन हमारी उस मानसिक और सांस्कृतिक स्थिति का परिचायक है जहाँ हम अपनी जड़ों और परंपराओं से इतने गहरे जुड़े थे कि बाहरी दुनिया हमें पराई लगती थी।

(इ) लगभग 50 शब्दों में उत्तर दो:

1. पहले गाँव के लोग शहर क्यों नहीं आना चाहते थे या आये भी तो गाँव क्यों लौट जाना चाहते थे?
उत्तर: पहले गाँव आत्मनिर्भर थे और लोगों का जुड़ाव अपनी मिट्टी, परिवार और प्रकृति से बहुत गहरा था। शहर की बनावटी जीवनशैली, प्रदूषण और भीड़भाड़ उन्हें रास नहीं आती थी। गाँव का शुद्ध वातावरण, आपसी भाईचारा और खेती-बारी का सुकून उन्हें खींच लाता था। उनके लिए शहर केवल एक बाहरी पड़ाव था, जबकि गाँव उनका स्थायी बसेरा और पहचान थी।

2. वर्तमान समय में लोग गाँव की अपेक्षा शहर में रहना अधिक पसंद करने लगे हैं, क्यों?
उत्तर: वर्तमान युग वैश्वीकरण और औद्योगिकीकरण का है। शहरों में उच्च शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, रोजगार के व्यापक अवसर और आधुनिक सुख-सुविधाएँ उपलब्ध हैं। विज्ञान और तकनीक की प्रगति ने जीवन को सुगम बना दिया है। यही कारण है कि लोग अपनी आर्थिक उन्नति और आधुनिक जीवनशैली की चाह में गाँव छोड़कर शहरों में बसना अधिक पसंद करते हैं।

3. ‘गाँव तक हमारी पहुँच नहीं रही’ – इस कथन से कवि का आशय क्या है?
उत्तर: इस कथन से कवि का आशय यह है कि आधुनिकता की अंधी दौड़ ने गाँवों का मूल स्वरूप नष्ट कर दिया है। अब गाँवों में भी शहरीकरण का प्रभाव दिखने लगा है। मनुष्य अपनी जड़ों से इतना दूर आ चुका है और सुख-सुविधाओं का इतना आदि हो चुका है कि वह चाहकर भी उस पुरानी सादगी और निश्चल ग्रामीण जीवन की ओर वापस नहीं लौट सकता।

4. ‘पहुँच नहीं है’ और ‘पहुँच नहीं रही’ – कथनों के अभिप्राय में क्या अंतर है?
उत्तर: ‘पहुँच नहीं है’ का अभिप्राय उस समय से है जब मनुष्य का मन पूरी तरह ग्रामीण परिवेश में रचा-बसा था और वह बाहरी दुनिया से अपरिचित था। वहीं, ‘पहुँच नहीं रही’ एक टीस और विवशता को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि अब हम आधुनिकता के ऐसे जाल में फँस गए हैं कि हमारा अपना पुराना गाँव, हमारी सादगी और हमारी जड़ें अब हमसे बहुत दूर (पहुँच से बाहर) हो गई हैं।

5. ‘उस बार’ और ‘इस बार’ की स्थितियों में कवि ने क्या परिवर्तन पाया है?
उत्तर: ‘उस बार’ कवि ने पाया कि सारे रास्ते घूम-फिरकर वापस गाँव की ओर ही आते थे, अर्थात गाँव ही केंद्र था। लेकिन ‘इस बार’ स्थिति उलट गई है। अब गाँव के लोग स्वयं शहर की ओर भागे चले जा रहे हैं। अब गाँव की ओर जाने वाले रास्ते सूने हैं और शहर की ओर जाने वाले रास्ते भीड़ से भरे हुए हैं।

6. ‘सारे रास्ते’ कहने के बाद भी ‘डगर’ और ‘पगडंडियाँ’ – इस कथन का अभिप्राय क्या है?
उत्तर: यहाँ ‘डगर’ चौड़े रास्तों या सड़कों का प्रतीक है, जबकि ‘पगडंडियाँ’ उन पतले और कच्चे रास्तों का प्रतीक हैं जो खेतों और जंगलों के बीच से होकर गाँव की गहराई तक पहुँचते हैं। कवि का अभिप्राय यह है कि चाहे मुख्य मार्ग हों या गाँव की छोटी गलियाँ, अब सभी गाँव के पुराने और सहज अस्तित्व से दूर होते जा रहे हैं। ये शब्द ग्रामीण परिवेश की विलुप्त होती पहचान को दर्शाते हैं।

संक्षिप्त प्रश्न (Short type questions)

1. इस कविता से कवि क्या बताना चाहते हैं?
उत्तर: इस कविता के माध्यम से कवि आधुनिक युग में हो रहे तीव्र शहरीकरण और ग्रामीण पलायन की त्रासदी को दर्शाना चाहते हैं। कवि बताते हैं कि किस तरह समय बदलने के साथ गाँवों का पारंपरिक स्वरूप नष्ट हो रहा है और लोग अपनी जड़ों को छोड़कर शहर की चकाचौंध की ओर भाग रहे हैं।

2. पहली बार कवि की पहुँच गाँव से बाहर क्यों नहीं थी?
उत्तर: पहली बार जब कवि गाँव से बाहर निकले, तब ग्रामीण परिवेश आत्मनिर्भर और संतुष्ट था। उस समय मानसिक और सांस्कृतिक रूप से लोग अपनी मिट्टी से इतने गहरे जुड़े थे कि बाहर की दुनिया उन्हें आकर्षित नहीं करती थी। सारे रास्ते और पगडंडियाँ वापस गाँव की ओर ही मुड़ती थीं, जिसका अर्थ है कि तब जीवन का केंद्र ‘गाँव’ ही था।

3. पहले सब गाँव ही वापस क्यों आते थे?
उत्तर: पहले गाँव वापस आने का मुख्य कारण वहाँ की शांति, सादगी और अपनत्व था। तब शहरों की कृत्रिमता और आपाधापी लोगों को रास नहीं आती थी। अपनी संस्कृति, परिवार और कृषि-आधारित जीवन शैली के प्रति लगाव ही उन्हें बार-बार गाँव लौटने पर विवश करता था।

4. ‘सारे रास्ते गाँव के शहर की ओर दौड़ रहे हैं’—इससे कवि क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर: इस पंक्ति के माध्यम से कवि यह कहना चाहते हैं कि अब स्थितियाँ पूरी तरह उलट गई हैं। अब गाँव में वह आकर्षण और ठहराव नहीं रहा। गाँव का हर व्यक्ति, चाहे वह शिक्षित युवा हो या मजदूर, बेहतर भविष्य और सुविधाओं की तलाश में शहर की ओर भाग रहा है। यह पलायन की उस गति को दर्शाता है जहाँ गाँव धीरे-धीरे खाली हो रहे हैं।

5. पहले गाँव के लोग शहर क्यों नहीं आना चाहते थे या आए भी तो गाँव क्यों लौट जाना चाहते थे?
उत्तर: पहले गाँवों में संतोष का भाव था। शहर की व्यस्त और मशीन जैसी जिंदगी के मुकाबले उन्हें गाँव का प्राकृतिक और सहज वातावरण अधिक प्रिय था। शहर जाकर भी उन्हें वहाँ अकेलापन और अजनबीयत महसूस होती थी, इसलिए अपनी जड़ों की सुरक्षा और सुकून के लिए वे वापस गाँव लौट आते थे।

    विवरणात्मक प्रश्न (Essay type questions)

    1. (क) इस कविता का सारांश लिखो।
    उत्तर: ‘पहुँच’ कविता बदलते सामाजिक परिवेश का एक सूक्ष्म चित्रण है। कविता दो कालखंडों की तुलना करती है। पहले समय में गाँव एक बंद और सुरक्षित संसार था, जहाँ से बाहर जाना कठिन था क्योंकि लोगों का जुड़ाव अपनी मिट्टी से था। लेकिन वर्तमान समय में, नगरीकरण ने इस स्थिति को बदल दिया है। अब शहर केंद्र बन गए हैं और गाँव केवल एक मार्ग। कवि दुख के साथ व्यक्त करते हैं कि अब हम चाहकर भी उस पुराने, निश्चल गाँव तक नहीं पहुँच सकते क्योंकि अब गाँव स्वयं शहर बनने की दौड़ में शामिल हो गया है।

      (ख) शहर की किन सुविधाओं के कारण गाँव के लोग शहर की ओर चलने लगे हैं?
      उत्तर: शहरों में बेहतर रोजगार के अवसर, उच्च शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ (अस्पताल), बिजली-पानी की निरंतर आपूर्ति और परिवहन के आधुनिक साधन उपलब्ध हैं। इसके विपरीत, गाँवों में कृषि पर बढ़ती निर्भरता और सुविधाओं के अभाव के कारण लोग एक सुविधायुक्त और आधुनिक जीवनशैली की चाह में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।

      2. वर्तमान समय में लोग गाँव की अपेक्षा शहर में रहना अधिक पसंद करने लगे हैं, क्यों?
      उत्तर: आधुनिक युग में आर्थिक प्रगति ही जीवन का पैमाना बन गई है। शहरों में व्यापार और नौकरी की अपार संभावनाएँ हैं। साथ ही, मनोरंजन के साधन और तकनीक का विस्तार भी लोगों को आकर्षित करता है। गाँव में विकास की गति धीमी होने और सुविधाओं की कमी के कारण लोग बेहतर भविष्य के लिए शहरों को प्राथमिकता देने लगे हैं।

      3. ‘उस बार’ और ‘इस बार’ की स्थितियों में कवि ने क्या परिवर्तन पाया है?
      उत्तर: ‘उस बार’ की स्थिति केंद्रमुखी (Centripetal) थी, जहाँ सारे रास्ते गाँव की ओर ही लौटते थे और गाँव के बाहर की दुनिया अनजानी थी। ‘इस बार’ की स्थिति बहिर्मुखी (Centrifugal) है, जहाँ सारे रास्ते गाँव से बाहर शहर की ओर भाग रहे हैं। अब गाँव अपनी पहचान खोकर शहरों का विस्तार मात्र बनते जा रहे हैं।

        सप्रसंग व्याख्या

        (क) इस बार हम फिर शहर से गाँव की सैर को निकले और हमने पाया कि गाँव तक हमारी पहुँच नहीं रही : सारे रास्ते, अब गाँव से शहर की ओर दौड़ रहे हैं।

        संदर्भ: ये पंक्तियाँ सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता ‘पहुँच’ से ली गई हैं।

        प्रसंग: यहाँ कवि गाँव के बदलते स्वरूप और शहरीकरण के प्रभाव का वर्णन कर रहे हैं।

        व्याख्या: कवि कहते हैं कि जब वे वर्षों बाद फिर से अपने गाँव को ढूँढने निकले, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्हें महसूस हुआ कि वह पुराना, आत्मीय गाँव अब कहीं खो गया है। अब गाँव की दिशा बदल गई है; गाँव का हर मार्ग अब शहर की ओर जा रहा है। इसका आशय यह है कि अब गाँव की संस्कृति और लोग पूरी तरह शहरी रंग में रँग चुके हैं और पुराने गाँव तक वापस पहुँचना अब संभव नहीं रहा।

        (ख) व्याख्या करो: सारे रास्ते, अब गाँव से बाहर की ओर दौड़ रहे हैं।

        व्याख्या: यह पंक्ति पलायन की पराकाष्ठा को दर्शाती है। ‘रास्तों का दौड़ना’ इस बात का प्रतीक है कि अब गाँव में ठहराव नहीं है। युवा शक्ति, संसाधन और सपने—सब गाँव की सीमाओं को तोड़कर बाहर निकल रहे हैं। यह गाँवों के सूनेपन और शहरीकरण की उस अंधी दौड़ को इंगित करता है जिसमें गाँव अपनी मौलिकता खो रहे हैं। यह एक सामाजिक चेतावनी भी है कि यदि यही स्थिति रही, तो गाँव केवल मानचित्र पर शेष रह जाएँगे।

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