ASSEB Class 9 Hindi Chapter 4 (चिड़िया की बच्ची) Question Answer 2026 | Class 9 Hindi Chapter 4 Solution

चिड़िया की बच्ची

1. सही विकल्प का चयन करो:
(क) सेठ माधवदास ने संगमरमर की क्या बनवाई है?
उत्तर: कोठी।

    (ख) किसकी डाली पर एक चिड़िया आन बैठी?
    उत्तर: गुलाब की।

    (ग) चिड़िया के पंख ऊपर से चमकदार और…………. थे।
    उत्तर: स्याह।

    (घ) चिड़िया से बात करते-करते सेठ ने एकाएक दबा दिया-
    उत्तर: बटन।

    2. संक्षेप में उत्तर दो:
    (क) सेठ माधवदास की अभिरुचियों के बारे में बताओ।
    उत्तर: सेठ माधवदास धनवान व्यक्ति थे और कलात्मक अभिरुचि रखते थे। उन्होंने अपनी कोठी संगमरमर से बनवाई थी और उसमें सुंदर बगीचा लगवाया था। शाम के समय चबूतरे पर तख्त डालकर मसनद के सहारे बैठना, हुक्का पीना और प्रकृति की सुंदरता को निहारना उनकी मुख्य अभिरुचि थी।

      (ख) शाम के समय सेठ माधवदास क्या-क्या करते हैं?
      उत्तर: शाम के समय सेठ माधवदास कोठी के बाहर चबूतरे पर तख्त बिछाकर मसनद के सहारे बैठते हैं। वे ढलते सूरज की छटा और बगीचे की हरियाली को निहारते हुए, हुक्के के कश लेते हुए सपनों की तरह शाम गुजार देते हैं।

      (ग) चिड़िया के रंग-रूप के बारे में क्या जानते हो?
      उत्तर: चिड़िया बहुत छोटी और सुंदर थी। उसकी गर्दन लाल थी जो किनारों पर नीली पड़ गई थी। उसके पंख ऊपर से चमकदार और स्याह (काले) थे तथा उसके पूरे शरीर पर सुंदर चित्रकारी जैसी आभा थी।

      (घ) चिड़िया किस बात से डरी हुई थी?
      उत्तर: चिड़िया अनजाने में सेठ के बगीचे में आ गई थी। जब सेठ के नौकर ने अचानक उसे पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, तो उसके स्पर्श से चिड़िया बुरी तरह डर गई और वह तेजी से उड़कर अपनी माँ के पास चली गई।

      (ङ) ‘तू सोना नहीं जानती, सोना? उसी की जगत को तृष्णा है।’ – आशय स्पष्ट करो।
      उत्तर: इसका आशय यह है कि सेठ माधवदास चिड़िया को धन और सोने का लालच देकर कैद करना चाहते थे। वे उसे समझाते हैं कि जिस सोने को पाने के लिए पूरी दुनिया तरसती है, वह उसे पिंजरे के रूप में मुफ्त दे रहे हैं। लेकिन चिड़िया के लिए सोने का कोई महत्व नहीं था, उसे केवल अपनी माँ का प्यार चाहिए था।

      3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो:
      (क) किन बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था और किन बातों से ज्ञात होता है कि वह सुखी नहीं था?
      उत्तर: माधवदास की संगमरमर की कोठी, सुंदर बगीचा, सोने के बर्तन और दास-दासी उनकी संपन्नता को दर्शाते हैं। लेकिन, उनका यह कहना कि “मेरा महल सूना है” और एक नन्ही चिड़िया को बहला-फुसलाकर अपने पास रोकने की छटपटाहट यह दर्शाती है कि वे भीतर से अकेले और दुखी थे। उनके जीवन में धन तो था, पर आत्मीय सुख की कमी थी।

        (ख) सेठ माधवदास चिड़िया को क्या-क्या प्रलोभन दे रहा था?
        उत्तर: सेठ ने चिड़िया को सोने का पिंजरा बनवाने, सोने की कटोरी में दाना-पानी देने, मोतियों की माला लटकाने और उसके लिए सुंदर बगीचा समर्पित करने का प्रलोभन दिया। उन्होंने चिड़िया को बहुत अमीर बनाने का वादा भी किया।

        (ग) माधवदास क्यों बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है? क्या माधवदास नि:स्वार्थ मन से ऐसा कह रहा था?
        उत्तर: चिड़िया की मासूमियत और सुंदरता देखकर माधवदास का मन बहल गया था। वे चाहते थे कि चिड़िया हमेशा उनके पास रहे, इसलिए वे उसे अपनत्व जताने के लिए बार-बार ऐसा कह रहे थे। माधवदास का यह कहना नि:स्वार्थ नहीं था; वे केवल अपने अकेलेपन को दूर करने और अपनी इच्छा पूरी करने के लिए चिड़िया को फाँसना चाहते थे।

        4. सम्यक उत्तर दो:
        (क) सेठ माधवदास और चिड़िया के मनोभावों में क्या अंतर है? कहानी के आधार पर स्पष्ट करो।
        उत्तर: सेठ माधवदास के मनोभाव स्वार्थ, अहंकार और भौतिक सुखों (सोना-चाँदी) से प्रेरित थे। वे हर चीज़ को धन से खरीदना चाहते थे। इसके विपरीत, चिड़िया के मनोभाव सरल, निश्छल और प्राकृतिक थे। उसे सोने के पिंजरे से अधिक अपनी माँ की गोद, धूप, पानी और खुले आकाश से प्यार था। माधवदास के लिए सुख का अर्थ संपत्ति थी, जबकि चिड़िया के लिए सुख का अर्थ स्वतंत्रता और माँ का स्नेह था।

          (ख) कहानी के अंत में नन्हीं चिड़िया का सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलने की बात पढ़कर तुम्हें कैसा लगा? अपने विचार लिखो।
          उत्तर: चिड़िया का नौकर के चंगुल से भाग निकलना पढ़कर मन को बहुत संतोष और खुशी मिली। सेठ माधवदास अपनी शक्ति और धन के बल पर एक मासूम जीव की आजादी छीनना चाहते थे। यदि चिड़िया पकड़ी जाती, तो वह उम्र भर सोने के पिंजरे में तड़पती रहती। उसका सुरक्षित अपनी माँ के पास पहुँच जाना अधर्म पर धर्म और बंधन पर स्वतंत्रता की जीत है।

          (ग) ‘माँ मेरी बाट देखती होगी’ – नन्ही चिड़िया बार-बार इसी बात को कहती है। अपने अनुभव के आधार पर बताओ कि हमारी जिंदगी में माँ का क्या महत्व है?
          उत्तर: किसी भी जीव के लिए उसकी माँ ही सबसे सुरक्षित आश्रय होती है। चिड़िया के लिए सेठ का महल और सोना माँ के प्यार के सामने तुच्छ थे। हमारे जीवन में भी माँ का स्थान सबसे ऊँचा है। माँ न केवल हमें जन्म देती है, बल्कि संकट के समय हमारी ढाल बनती है। माँ का निस्वार्थ प्रेम ही हमें संसार में सबसे अधिक सुरक्षा और सुख का अनुभव कराता है। माँ के बिना जीवन दिशाहीन और सूना होता है।

          (घ) क्या माधवदास के बनाए सोने के पिंजरे में चिड़िया सुख से रह सकती थी? – एक पक्षी के लिए पिंजरा का क्या महत्व है?
          उत्तर: नहीं, चिड़िया सोने के पिंजरे में कभी सुखी नहीं रह सकती थी। पक्षी का मूल स्वभाव उड़ना और स्वतंत्र रहना है। पिंजरा चाहे लोहे का हो या सोने का, वह पक्षी के लिए एक जेल ही है। पिंजरे में उसे भोजन तो मिल सकता है, लेकिन वह अपनी उड़ान, संगी-साथियों और प्रकृति के स्पर्श को खो देती है। किसी भी पक्षी के लिए उसकी आजादी ही उसकी सबसे बड़ी संपत्ति है।

          संक्षिप्त प्रश्न (Short Type Questions)
          (क) चिड़िया को देखकर माधवदास के मन में कैसा भाव उत्पन्न हुआ और क्यों?
          उत्तर: माधवदास के मन में चिड़िया के प्रति प्रेम और आकर्षण का भाव उत्पन्न हुआ। चिड़िया की स्वच्छंदता और खूबसूरती ने उसके मन को प्रसन्नता दी, जिससे वह अपनी अधूरी खुशी को पूरा करने की कोशिश कर रहा था।

          (ख) माधवदास पहले चिड़िया से क्या कहने लगा था?
          उत्तर: माधवदास ने चिड़िया को बताया कि यह बगीचा उसने उसके लिए बनवाया है और उसे यहाँ बिना किसी डर के आने के लिए आमंत्रित किया।

          (ग) चिड़िया को खुश करने के लिए माधवदास क्या-क्या करें?
          उत्तर: माधवदास ने चिड़िया को आकर्षित करने के लिए उसे अपने महल में बुलाया, वहाँ सुख-सुविधाओं का वादा किया, और उसे यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह उसके लिए कई प्रकार के सोने और फूलों की व्यवस्था करेगा।

          (घ) चिड़िया की बच्ची को उसकी माँ के सम्बन्ध में माधवदास क्या बता रहे थे?
          उत्तर: माधवदास चिड़िया को उसकी माँ की तुलना में अपने बगीचे की बहार और धन के महत्व को समझाने की कोशिश कर रहे थे, यह बताते हुए कि उसकी माँ की अहमियत उस बगीचे के सामने कुछ भी नहीं है।

          (ङ) सेठ माधवदास की अभिरुचियों के बारे में बताओ।
          उत्तर: सेठ माधवदास कला प्रेमी हैं, उन्हें प्रकृति, बगीचे, और सुंदरता से प्रेम है। वह अपने बगीचे में फव्वारों और फूलों को देखकर आनंदित होते हैं।

          (च) शाम के समय सेठ माधवदास क्या-क्या करते हैं?
          उत्तर: शाम के समय माधवदास अपने बगीचे में बैठकर प्रकृति का आनंद लेते हैं, मित्रों से विनोद-चर्चा करते हैं या अकेले में सोचते हुए समय बिताते हैं।

          (छ) चिड़िया के रंग-रूप के बारे में क्या जानते हो?
          उत्तर: चिड़िया बहुत सुंदर थी, उसकी गरदन लाल थी और किनारों पर नीला रंग था। उसके पंख चमकदार स्याह थे और उसके शरीर पर विविध चित्रकारी थी।

          (ज) चिड़िया किस बात से डर रही थी?
          उत्तर: चिड़िया को अंधेरे से डर लग रहा था, उसे चिंता थी कि रात हो जाएगी और वह अपनी माँ के पास नहीं पहुँच पाएगी।

          किसने, किससे और कब कहा?

          (क) यह बगीचा मैंने तुम्हारे लिए ही बनवाया है।
          उत्तर: माधवदास ने चिड़िया से कहा जब वह बगीचे में आई थी।

          (ख) मैं अभी चली जाऊँगी। बगीचा आपका है। मुझे माफ करें।
          उत्तर: चिड़िया ने माधवदास से कहा जब वह उससे डर गई थी और वहाँ से जाने लगी थी।

          (ग) सोने का एक बहुत सुन्दर घर मैं तुम्हें बना दूँगा।
          उत्तर: माधवदास ने चिड़िया से कहा जब वह उसे अपने बगीचे में रोकने की कोशिश कर रहा था।

          (घ) क्या है मेरी बच्ची, क्या है?
          उत्तर: चिड़िया की माँ ने चिड़िया को गले लगाकर पूछा जब वह माँ के पास पहुँची।

          (ङ) रात हो जाएगी तो राह नहीं सूझेगी।
          उत्तर: चिड़िया ने माधवदास से कहा जब वह माँ के पास लौटने के लिए चिंतित थी।

          (च) कल आना, परसों आना, रोज आना।
          माधवदास ने चिड़िया से कहा जब वह उसे छोड़ने के लिए कह रहा था।

          विवरणात्मक प्रश्न (Essay Type Questions)

          1. माधवदास और चिड़िया की बच्ची के बीच हुई बातचीत को अपने शब्दों में लिखो।
          उत्तर: माधवदास और चिड़िया के बीच का संवाद धन और स्वाधीनता के संघर्ष को दर्शाता है। माधवदास चिड़िया को प्रलोभन देते हुए कहते हैं कि यह बगीचा उन्होंने उसी के लिए बनवाया है। वे उसे सोने का पिंजरा, मोतियों की माला और ढेर सारी सुख-सुविधाओं का लालच देते हैं। इसके विपरीत, चिड़िया बार-बार यही कहती है कि वह अनजाने में यहाँ आ गई है और उसे अपनी माँ के पास जाना है। माधवदास उसे दुनियादारी और दौलत की बातें समझाते हैं, पर चिड़िया के लिए अपनी माँ का प्यार और घर की धूप ही सबसे बड़ी दौलत है।

          2. चिड़िया की बच्ची माधवदास के साथ न रहने के क्या-क्या कारण बता रही थी?
          उत्तर: चिड़िया ने माधवदास के साथ न रहने के कई भावनात्मक कारण दिए। उसने कहा कि उसकी माँ उसका रास्ता देख रही होगी। उसे अपने घर की सुनहरी धूप, घोंसले के बाहर की स्वच्छ हवा और अपनी माँ के स्नेह की ज़रूरत है। चिड़िया को सेठ के ‘सोने’ और ‘महलों’ का अर्थ समझ नहीं आता था। उसके लिए उसकी माँ की गोद और सुरक्षा ही सबसे सुखद स्थान था।

          3. माधवदास स्वार्थी मनुष्य का प्रतिनिधि है। कहानी के आधार पर स्पष्ट करो।
          उत्तर: माधवदास पूर्णतः एक स्वार्थी व्यक्ति है क्योंकि वह अपनी खुशी के लिए एक मासूम जीव की स्वतंत्रता छीनना चाहता है। वह चिड़िया की भावनाओं और उसकी माँ के प्रति लगाव को नहीं समझता। वह सोचता है कि धन से सब कुछ खरीदा जा सकता है। जब वह बातों से चिड़िया को नहीं फँसा पाता, तो वह छल का सहारा लेता है और अपने नौकर को उसे पकड़ने का इशारा करता है। यह उसके क्रूर और स्वार्थी चरित्र को दर्शाता है।

          4. माधवदास का चरित्र चित्रण कीजिए।
          उत्तर: माधवदास एक संपन्न, कला-प्रेमी और प्रभावशाली व्यक्ति है, लेकिन उसका व्यक्तित्व अकेलापन और अहंकार से भरा है। वह भौतिक सुखों को ही जीवन का सत्य मानता है। उसके पास धन की कमी नहीं है, फिर भी वह अंदर से खाली है। वह स्वार्थी और चालाक भी है, क्योंकि वह चिड़िया को मीठी बातों में उलझाकर उसे कैद करना चाहता है। वह भावनाओं की तुलना में संपत्ति को अधिक महत्व देता है।

          5. चिड़िया को पकड़ने के लिए माधवदास ने कैसी चाल चली?
          उत्तर: माधवदास ने चिड़िया को बातों में उलझाकर रखा ताकि उसका नौकर पीछे से आकर उसे पकड़ सके। उन्होंने चिड़िया को अपनी कोठी के वैभव और सोने के पिंजरे का प्रलोभन दिया। जब चिड़िया जाने की ज़िद करने लगी, तो उन्होंने इशारा देकर नौकर को बुलाया। माधवदास चिड़िया से बातें करते रहे ताकि उसका ध्यान भटक जाए और नौकर चुपके से उसे दबोच ले।

          6. चिड़िया की बच्ची किस प्रकार भागकर अपनी माँ के पास उड़ गई थी?
          उत्तर: जैसे ही नौकर के कठोर हाथ का स्पर्श चिड़िया को महसूस हुआ, वह बुरी तरह डर गई। वह एक ज़ोर की चीख मारकर नौकर के पंजे से फिसल गई। वह बिना पीछे मुड़े, अपनी पूरी शक्ति लगाकर एक ही साँस में उड़ती हुई अपनी माँ के पास पहुँच गई और उनकी गोद में दुबक कर सुबकने लगी।

          7. पशु-पक्षी या मनुष्य सबके लिए माँ बहुत अहमियत रखती है। कहानी के आधार पर स्पष्ट करो।
          उत्तर: यह कहानी सिद्ध करती है कि माँ का स्थान सर्वोपरि है। चिड़िया के लिए सेठ का सुनहरा महल और अनमोल मोती अपनी माँ के प्यार के सामने तुच्छ थे। माँ ही वह सुरक्षा कवच है जहाँ बच्चा सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करता है। चिड़िया का बार-बार “माँ, माँ” पुकारना यह दर्शाता है कि चाहे मनुष्य हो या पक्षी, माँ का स्नेह ही जीवन की सबसे बड़ी और सच्ची संपत्ति है।

          8. ‘तू सोना नहीं जानती, सोना? उसी की जगत को तृष्णा है।’ – आशय स्पष्ट करो।
          उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि माधवदास चिड़िया की मासूमियत पर हैरान है। वे उसे बताते हैं कि ‘सोना’ वह धातु है जिसे पाने के लिए पूरी दुनिया पागल रहती है और लोग उसे पाने की तृष्णा (लालसा) रखते हैं। सेठ उसे यह समझाना चाहते हैं कि वे उसे वह चीज़ दे रहे हैं जिसे पाने के लिए मनुष्य कठिन परिश्रम करता है, लेकिन चिड़िया के लिए वह पीली धातु मिट्टी के समान थी।

          9. किन बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था और किन बातों से ज्ञात होता है कि वह सुखी नहीं था?
          उत्तर: उनकी संगमरमर की कोठी, शानदार बगीचा, नौकर-चाकर और सोने के बर्तनों से उनकी संपन्नता का पता चलता है। लेकिन उनका यह स्वीकार करना कि “मेरा महल सूना है” और एक छोटी चिड़िया को बहलाकर अपना मन बहलाने की कोशिश करना यह दर्शाता है कि वे सुखी नहीं थे। उनके जीवन में आत्मीयता और सच्चे प्रेम का अभाव था, जिसके कारण वे अकेलेपन से जूझ रहे थे।

          10. सेठ माधवदास चिड़िया को क्या-क्या प्रलोभन दे रहा था?
          उत्तर: माधवदास ने चिड़िया को निम्नलिखित प्रलोभन दिए:

            एक सुंदर सोने का पिंजरा जिसमें मोतियों की झालर होगी।

            सोने की कटोरी में दाना और पानी।

            हज़ारों सुंदर फूलों वाला बगीचा।

            अपनी संपत्ति और अमीरी का दिखावा करते हुए उसे रानी बनाकर रखने का वादा।

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