HS 2nd Hindi Chapter 4 Question Answer | Class 12 Hindi Chapter 4 गांधारी का अभिशाप Question Answer 2026

गांधारी का अभिशाप

1. गाँधारी कौन थी?
उत्तर: गाँधारी महाभारत की एक प्रमुख पात्र थी। वह हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र की पत्नी और कौरवों की माता थी।

2. भीम ने कौन-सा अधर्म किया था?
उत्तर: गदा युद्ध के नियम के अनुसार कमर के नीचे प्रहार करना निषिद्ध था। लेकिन कृष्ण के संकेत पर भीम ने दुर्योधन की जंघा पर प्रहार किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई। यह नियम-विरुद्ध होने के कारण अधर्म माना गया।

3. अश्वत्थामा के पिता का नाम क्या था?
उत्तर: अश्वत्थामा के पिता का नाम द्रोणाचार्य था, जो कौरवों और पांडवों के गुरु थे।

4. अश्वत्थामा को अभिशाप किसने दिया था?
उत्तर: अश्वत्थामा को श्रीकृष्ण ने अभिशाप दिया था कि उसके घाव कभी ठीक नहीं होंगे और वह जीवनभर कष्ट भोगेगा।

5. गाँधारी के अभिशाप के पीछे कौन-सा कारण था?
उत्तर: गाँधारी अपने पुत्रों की मृत्यु से अत्यंत दुःखी थी। वह मानती थी कि कृष्ण चाहते तो युद्ध रोका जा सकता था। इसी दुःख और क्रोध में उसने कृष्ण को अभिशाप दिया कि उनके वंश का भी इसी प्रकार नाश होगा।

6. यह कविता भारती जी के किस ग्रंथ से ली गई है?
उत्तर: यह कविता धर्मवीर भारती के नाट्य काव्य ‘अंधायुग’ से ली गई है।

7. प्रस्तुत कविता के आधार पर गाँधारी के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
गाँधारी एक आदर्श पत्नी और ममतामयी माता थी। उसका अपने पुत्रों के प्रति अत्यधिक स्नेह था। वह धार्मिक और तपस्विनी स्त्री थी, जिसके पास तपोबल था।
ममता के कारण वह अपने पुत्र दुर्योधन के दोषों को अनदेखा कर देती है। पुत्र-वियोग के दुःख में वह क्रोधित होकर कृष्ण को अभिशाप देती है। इस प्रकार उसके चरित्र में ममता, दुःख, क्रोध और धार्मिक शक्ति का समन्वय दिखाई देता है।

1. व्याख्या कीजिए:
“मैंने प्रसव नहीं किया था कंकाल …
जो तुमने दिया निरपराध अश्वत्थामा को।”

    उत्तर:

    संदर्भ: यह काव्यांश ‘गाँधारी का अभिशाप’ कविता से लिया गया है, जिसे धर्मवीर भारती ने रचा है।

    प्रसंग: युद्ध के बाद गाँधारी अपने पुत्र दुर्योधन के मृत शरीर को देखकर अत्यंत दुःखी और क्रोधित होती है तथा कृष्ण को दोष देती है।

    व्याख्या:
    गाँधारी कहती है कि उसने अपने पुत्र को एक जीवित और शक्तिशाली योद्धा के रूप में जन्म दिया था, न कि कंकाल के रूप में। वह कृष्ण को दोष देती है कि उनके संकेत पर भीम ने अधर्मपूर्ण ढंग से दुर्योधन का वध किया।
    वह यह भी प्रश्न उठाती है कि जब अश्वत्थामा को अधर्म के लिए दंड दिया गया, तो भीम को क्यों नहीं?
    इस प्रकार, इस अंश में गाँधारी का शोक, क्रोध और न्याय की भावना स्पष्ट रूप से व्यक्त होती है।

    Leave a Comment

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Scroll to Top