Lesson 12
अभ्यास की महिमा
1. उत्तर दो:(क) बोपदेव कैसा बालक था?
उत्तर: बोपदेव एक मंदबुद्धि बालक था।
(ख) बोपदेव के सहपाठी उसे क्या कहकर चिढ़ाते थे?
उत्तर: बोपदेव के सहपाठी उसे बुद्धू और मूर्ख कहकर चिढ़ाते थे।
(ग) गुरुजी ने बोपदेव को कहा भेजने का निश्चय किया?
उत्तर: गुरुजी ने बोपदेव को गांँव भेजने का निश्चय किया।
2. कहानी को पढ़कर उत्तर लिखो:(क) औरतें कुएँ पर क्या कर रही थी?
उत्तर: औरतें कुएँ से अपने घड़ों में पानी भर रही थी।
(ख) कुएँ की जगह पर गड्ढे कैसे बने थे?
उत्तर: कुएँ की जगह पर बार-बार घड़े रखने से गड्ढे बने थे।
(ग) बोपदेव पाठशाला क्यों लौट आया?
उत्तर: बोपदेव को ज्ञात हो चुका था कि जब मिट्टी के घड़े से पत्थर घिस सकता है, तो बार-बार अभ्यास करने से उसे विद्या क्यों नहीं मिल सकती। इस कारण वह अपने पाठशाला लौट आया।
(घ) बोपदेव बड़ा होकर क्या बना?
उत्तर: बोपदेव बड़ा होकर संस्कृत का एक प्रसिद्ध विद्वान बना।
3. ‘अभ्यास की महिमा’ कहानी तुम्हें कैसी लगी? इससे तुम्हें क्या सीख मिली?
उत्तर: ‘अभ्यास की महिमा’ कहानी मुझे बहुत अच्छी लगी। ‘अभ्यास की महिमा’ कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि लक्ष्य चाहे जितना भी कठिन क्यों न हो, अगर अभ्यास और लगन से काम करे तो उसे आसानी से हासिल किया जा सकता है।
4. लिखो:(क) ‘ये गड्ढे किसने बनाए हैं?’किसने कहा?
उत्तर: बोपदेव ने कहा।किससे कहा?उत्तर: औरतों से कहा।
(ख) ‘ये गड्ढे हमने नहीं बनाए हैं?’किसने कहा?उत्तर: औरतों ने कहा।किससे कहा?उत्तर: बोपदेव को कहा।
5. आओ, पढ़ें दोहराएंँ और लिखें:(क)द+य=द्य – विद्या, गद्य, पद्य, विद्यापतिद+ध=द्ध – बुद्धि, बुद्धू, प्रसिद्ध, शुद्धद+व=द्व –विद्वान, द्वेष, द्वार, द्वीप
(ख)क्षमा =क+ष+अ+म+आकक्षा=क+अ+क+ष+आमित्र =म+इ+त+र+अपत्र =प+अ+त+र+अज्ञान =ज+অ+आ+न+अयज्ञ =य+अ+ज+অ+अपरिश्रम =प+अ+र+इ+श+र+अ+म+अविश्राम =व+इ+श+र+आ+म+अ
6. पढ़ो, समझो और लिखो:उत्तर:अरजन = अर्जुनमूरख = मूर्खमरम = मर्मधरम = धर्मकरम = कर्मशरम = शर्म
7. नीचे दिए गए शब्दों के दो दो पर्यायवाची शब्द लिखो:[बालक, औरत, गुरु, घड़ा, पानी, प्रसिद्ध]उत्तर:बालक = लड़का, बेटाऔरत = स्त्री, महिलागुरु = शिक्षक, आचार्यघड़ा = मटका, कलशपानी = जल, नीरप्रसिद्ध = ख्याति, कीर्ति
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