Chapter 2
“मौखिक सम्प्रेषण – अभिवादन”
अति-लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्र. 1. ‘अभिवादन’ शब्द का एक पर्यायवाची शब्द लिखिए। [2025]
उत्तर: ‘अभिवादन’ शब्द का पर्यायवाची शब्द ‘प्रणाम’ या ‘नमस्ते’ है।
प्र. 2. अपरिचित जनों को अभिवादन के रूप में किन शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं? दो शब्द लिखिए। [2025]
उत्तर: अपरिचित जनों के लिए ‘नमस्ते’ और ‘नमस्कार’ शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है।
प्र. 3. मौखिक संप्रेषण का सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण माध्यम क्या है?
उत्तर: मौखिक संप्रेषण का प्राथमिक माध्यम मानव मुख से उच्चरित वाणी (ध्वनि/शब्द) है।
प्र. 4. आत्म-परिचय देते समय सर्वप्रथम क्या बताना चाहिए?
उत्तर: अपना शुभ नाम और वर्तमान शैक्षणिक या व्यावसायिक स्थिति।
प्र. 5. औपचारिक अवसरों पर बड़ों को आदरपूर्वक क्या कहकर अभिवादन किया जाता है?
उत्तर: ‘चरण स्पर्श’ या ‘सादर प्रणाम’।
प्र. 6. साक्षात्कार (Interview) कक्ष में प्रवेश करते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए?
उत्तर: कक्ष में प्रवेश की अनुमति लेकर साक्षात्कारकर्ताओं का विनम्रतापूर्वक अभिवादन करना चाहिए।
प्र. 7. मित्र-मंडली के बीच होने वाला वार्तालाप संप्रेषण के किस भेद में आता है?
उत्तर: अनौपचारिक (Informal) मौखिक संप्रेषण में।
प्र. 8. बैंक या डाकघर में बातचीत करते समय भाषा की शैली कैसी होनी चाहिए?
उत्तर: संक्षिप्त, स्पष्ट, औपचारिक और शिष्टाचारयुक्त।
प्र. 9. यातायात और परिवहन के दौरान परिचालक (Conductor) से टिकट मांगते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर: गंतव्य स्थान और टिकटों की संख्या स्पष्ट शब्दों में बतानी चाहिए।
प्र. 10. दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय किस प्रकार के प्रश्नों से बचना चाहिए?
उत्तर: व्यक्तिगत और असहज करने वाले निजी प्रश्नों से।
प्र. 11. मौखिक संप्रेषण में ‘शारीरिक भाषा’ (Body Language) का क्या महत्व है?
उत्तर: यह वक्ता के आत्मविश्वास और कही जा रही बात की प्रभावशीलता को बढ़ाती है।
प्र. 12. सामग्री क्रय-विक्रय करते समय ग्राहक का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोगिता और उचित मूल्य की जानकारी प्राप्त करना।
प्र. 13. कार्यालयी वार्तालाप किस प्रकार के संप्रेषण का उदाहरण है?
उत्तर: औपचारिक मौखिक संप्रेषण का।
प्र. 14. किसी अपरिचित व्यक्ति से बातचीत शुरू करने का सबसे अच्छा माध्यम क्या है?
उत्तर: सौम्य मुस्कान के साथ ‘नमस्ते’ या ‘शुभ दिन’ कहना।
प्र. 15. साक्षात्कार का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: अभ्यर्थी के ज्ञान, अभिव्यक्ति क्षमता, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना।
50 शब्दों वाले लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्र. 1. किसी अनजान व्यक्ति से भेंट होने पर उनकी परिचय-प्राप्ति हेतु क्या-क्या पूछे जाते हैं? एक नमूना लिखित रूप में प्रस्तुत कीजिए। [2025]
उत्तर:
- “नमस्ते! मेरा नाम राहुल है। क्या मैं आपका शुभ नाम जान सकता हूँ?”
- “आप कहाँ के निवासी हैं?”
- “आप किस संस्था/कार्यालय से जुड़े हैं?”
- “आपसे मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई, क्या हम इस विषय पर चर्चा कर सकते हैं?”
प्र. 2. मौखिक संप्रेषण में अभिवादन का क्या महत्व है?
उत्तर: अभिवादन बातचीत की शुरुआत का सेतु है। यह वक्ता के संस्कारों, विनम्रता और सम्मान की भावना को प्रकट करता है। सही अभिवादन से श्रोता के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण बातचीत के लिए अनुकूल बन जाता है।
प्र. 3. मित्रों के साथ वार्तालाप और कार्यालयी वार्तालाप में क्या अंतर है?
उत्तर: मित्र-मंडली में वार्तालाप अनौपचारिक, आत्मीय, सहज और व्याकरणिक बंधनों से मुक्त होता है। इसके विपरीत, कार्यालयी वार्तालाप पूर्णतः औपचारिक, कार्य-केंद्रित, गरिमामयी और निर्धारित शिष्टाचार के नियमों से बंधा होता है।
प्र. 4. सामग्री क्रय-विक्रय (दुकानदार और ग्राहक) के बीच प्रभावी संवाद कैसा होना चाहिए?
उत्तर: इस संवाद में स्पष्टता और सौम्यता आवश्यक है। ग्राहक अपनी जरूरत और बजट स्पष्ट बताए तथा दुकानदार उत्पाद की विशेषताएं व मूल्य पारदर्शी तरीके से रखे, ताकि समय की बचत हो और सही वस्तु का चयन हो सके।
प्र. 5. डाकघर में रजिस्ट्री पत्र भेजने हेतु कर्मचारी से बातचीत का एक संक्षिप्त नमूना दीजिए।
उत्तर:
- ग्राहक: “नमस्ते महोदय, मुझे यह पत्र गुवाहाटी के लिए रजिस्ट्री (स्पीड पोस्ट) कराना है।”
- कर्मचारी: “जी, लिफाफे पर पिन कोड और प्रेषक का पता ठीक से लिखा है? इसे तौलने दीजिए।”
- ग्राहक: “हाँ जी, सब लिखा है। कुल कितना शुल्क लगेगा?”
प्र. 6. अपरिचित जनों से बातचीत करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: अपरिचितों से बात करते समय भाषा में शालीनता, संयम और आदर होना चाहिए। कभी भी व्यक्तिगत जीवन से जुड़े अनुचित प्रश्न नहीं पूछने चाहिए। बातचीत का लहजा तटस्थ, स्पष्ट और विनम्र होना अनिवार्य है।
प्र. 7. साक्षात्कार के दौरान शारीरिक भाषा (Body Language) की क्या भूमिका है?
उत्तर: साक्षात्कार में आपके शब्दों से अधिक आपकी भावभंगिमा बोलती है। सीधा बैठना, आंखों में देखकर बात करना (Eye Contact), चेहरे पर हल्की मुस्कान और शांत मुद्रा आपके आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
प्र. 8. बस या रेल यात्रा के दौरान सह-यात्री से आत्मीय संवाद कैसे स्थापित करें?
उत्तर: मौसम, यात्रा के गंतव्य या मार्ग की सामान्य चर्चा से शुरुआत की जा सकती है। जैसे— “नमस्ते, क्या आप भी तिनसुकिया तक जा रहे हैं?” इससे बिना किसी दबाव के एक सहज और सुरक्षित संवाद बन जाता है।
प्र. 9. ‘सक्रिय श्रवण’ (Active Listening) मौखिक संप्रेषण को कैसे बेहतर बनाता है?
उत्तर: अच्छा वक्ता वही बन सकता है जो अच्छा श्रोता हो। जब हम सामने वाले की बात ध्यानपूर्वक सुनते हैं, तभी हम उचित, तार्किक और सटीक उत्तर दे पाते हैं, जिससे गलतफहमियों की संभावना समाप्त हो जाती है।
प्र. 10. बैंक में नया बचत खाता खुलवाने हेतु बातचीत का संक्षिप्त रूप लिखिए।
उत्तर:
- ग्राहक: “नमस्कार सर, मुझे अपनी बचत के लिए यहाँ एक नया खाता खुलवाना है। इसके लिए क्या प्रक्रिया है?”
- अधिकारी: “नमस्कार! आपको यह आवेदन फॉर्म भरकर आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो फोटो के साथ जमा करना होगा।”
प्र. 11. दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय ‘सहानुभूति’ और ‘सम्मान’ क्यों जरूरी है?
उत्तर: किसी के व्यक्तिगत दायरे का सम्मान करना सभ्य समाज की पहचान है। सम्मानजनक संबोधन और विनम्र प्रश्नों से सामने वाला व्यक्ति सुरक्षित और सहज महसूस करता है तथा खुलकर संवाद करता है।
प्र. 12. मौखिक संप्रेषण में ध्वनि के उतार-चढ़ाव (Intonation) का क्या महत्व है?
उत्तर: एक ही सुर में बोली गई बात नीरस हो जाती है। बात के मुख्य बिंदुओं पर जोर देना, विराम लेना और प्रसंगानुकूल स्वर का प्रयोग करने से श्रोता का ध्यान केंद्रित रहता है और संदेश का भाव स्पष्ट होता है।
प्र. 13. कार्यालय में उच्चाधिकारी से अवकाश (Leave) मांगते समय संवाद कैसा हो?
उत्तर:
- कर्मचारी: “सादर प्रणाम महोदय, पारिवारिक अनिवार्य कार्य के कारण मुझे कल एक दिन का आकस्मिक अवकाश चाहिए। मैंने आवेदन पत्र संलग्न कर दिया है।”
- अधिकारी: “ठीक है, अपना कार्यभार सहयोगी को समझाकर आप अवकाश ले सकते हैं।”
प्र. 14. साक्षात्कार कक्ष से बाहर निकलते समय शिष्टाचार के क्या नियम हैं?
उत्तर: साक्षात्कार समाप्त होने पर मंडल के सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करना चाहिए (जैसे— “धन्यवाद महोदय, आपका दिन शुभ हो”) और शांत भाव से बिना हड़बड़ाहट के कक्ष से बाहर निकलना चाहिए।
प्र. 15. मौखिक संप्रेषण में ‘स्पष्ट उच्चारण’ की क्या उपयोगिता है?
उत्तर: शब्दों का मानक और शुद्ध उच्चारण सुनने वाले को भ्रम से बचाता है। अशुद्ध उच्चारण से कभी-कभी अर्थ का अनर्थ हो जाता है, अतः उच्चारण दोषरहित और स्पष्ट होना चाहिए।
200 शब्दों वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्र. 1. नौकरी के लिए साक्षात्कार के प्रारंभ में अपना परिचय कैसे दिया जाना चाहिए? एक व्यावहारिक नमूना प्रस्तुत कीजिए। [2025]
उत्तर: साक्षात्कार में आत्म-परिचय (Self-Introduction) चयनकर्ताओं पर पहला और सबसे गहरा प्रभाव छोड़ता है। परिचय संक्षिप्त, तथ्यपरक, आत्मविश्वास से भरा और पद के अनुकूल होना चाहिए। इसमें अनावश्यक पारिवारिक विवरण से बचते हुए शैक्षणिक योग्यता, व्यावहारिक कौशल और कार्य-अनुभव को प्राथमिकता देनी चाहिए।
परिचय का व्यावहारिक नमूना:
“सादर प्रणाम महोदया/महोदय। मेरा नाम अभिनव शर्मा है। मैं मूल रूप से असम के नलबाड़ी जिले का निवासी हूँ। मैंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से 75% अंकों के साथ हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (M.A.) की उपाधि प्राप्त की है। अपनी पढ़ाई के दौरान मैंने कार्यालयी हिंदी और अनुवाद कार्य में विशेष दक्षता हासिल की है।
अकादमिक गतिविधियों के अतिरिक्त मुझे वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेना और तकनीकी आलेख लिखना पसंद है। पिछले एक वर्ष से मैंने एक स्थानीय प्रकाशन संस्थान में सह-संपादक के रूप में कार्य किया है, जिससे मुझे समय प्रबंधन और टीम वर्क का व्यावहारिक अनुभव मिला। मैं एक कर्मठ, सीखने के लिए तत्पर और सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति हूँ। इस पद के माध्यम से मैं अपनी क्षमताओं का उपयोग संस्था के विकास में करना चाहता हूँ। धन्यवाद।”
प्र. 2. मौखिक संप्रेषण के विभिन्न प्रसंगों (कार्यालय, बैंक, डाकघर और हाट-बाजार) की भाषा-शैली का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: मानव जीवन में मौखिक संप्रेषण का स्वरूप संदर्भ और स्थान के अनुसार बदलता रहता है। प्रत्येक क्षेत्र की अपनी भाषाई मर्यादा और शब्दावली होती है:
- कार्यालय एवं प्रशासनिक स्थल: यहाँ भाषा पूर्णतः औपचारिक, वस्तुनिष्ठ, संक्षिप्त और शिष्टाचारयुक्त होती है। व्यक्तिगत भावनाओं के स्थान पर नियमों, कर्तव्यों और कार्य की प्रगति पर केंद्रित शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
- बैंक एवं डाकघर: यहाँ का संप्रेषण सेवा-उन्मुख और तथ्यपरक होता है। आर्थिक लेन-देन, खाता संख्या, चालान, ब्याज और नियमों से संबंधित तकनीकी/पारिभाषिक शब्दों की स्पष्टता अनिवार्य होती है।
- हाट-बाजार (क्रय-विक्रय): यह प्रसंग व्यावहारिक और अनौपचारिक होता है। इसमें मोलभाव, वस्तु के गुण-दोष की परख और तात्कालिक निर्णय शामिल होते हैं। यहाँ संवाद में लचीलापन और अनुनय (Persuasion) की शैली दिखाई देती है।
- आत्मीय एवं पारिवारिक प्रसंग: यहाँ औपचारिकता समाप्त होकर प्रेम, स्नेह, आदर और भावनात्मक खुलापन आ जाता है।
अतः संदर्भ के अनुकूल भाषा और शैली का चयन ही एक सफल संप्रेषक की पहचान है।
प्र. 3. ‘अपरिचित जनों से बातचीत’ और ‘मित्र-मंडली के साथ वार्तालाप’ के मनोवैज्ञानिक और भाषाई पक्षों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मानव स्वभाव विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करता है, जिसका सीधा प्रभाव उसकी भाषा पर पड़ता है:
- अपरिचितों से बातचीत का पक्ष: अपरिचित व्यक्तियों से बात करते समय व्यक्ति मनोवैज्ञानिक रूप से सतर्क और रक्षात्मक रहता है। भाषा में संकोच, औपचारिकता और मर्यादा की प्रधानता होती है। बातचीत का दायरा मौसम, रास्ता, सामान्य समाचार या तात्कालिक आवश्यकता तक सीमित रहता है। यहाँ ‘आप’ शैली, विनम्रता और तटस्थता प्रमुख होती है।
- मित्र-मंडली के साथ वार्तालाप کا पक्ष: मित्रों के साथ व्यक्ति मनोवैज्ञानिक रूप से पूरी तरह तनावमुक्त और सहज होता है। यहाँ किसी बनावट या कृत्रिमता की आवश्यकता नहीं होती। भाषा में आत्मीयता, हास्य-व्यंग्य, मुहावरेदार प्रयोग और स्थानीय बोलचाल के शब्दों की बहुलता होती है। यहाँ ‘तुम’ या स्नेहपूर्ण संबोधन चलते हैं।
निष्कर्षतः, अपरिचितों से संवाद ‘सामाजिक मर्यादा’ का पालन करता है, जबकि मित्रों से संवाद ‘आत्मिक जुड़ाव’ को व्यक्त करता है।
प्र. 4. सामग्री क्रय-विक्रय के प्रसंग में विक्रेता (दुकानदार) और क्रेता (ग्राहक) के बीच आदर्श संवाद के नियम और एक लिखित उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: व्यापारिक सफलता मौखिक संप्रेषण की कुशलता पर निर्भर करती है। विक्रेता के लिए धैर्य, विनम्रता और ग्राहक की आवश्यकता को समझना आवश्यक है, वहीं ग्राहक के लिए अपनी मांग को स्पष्ट और तार्किक रखना जरूरी है।
आदर्श संवाद:
- ग्राहक: “नमस्ते भइया, मुझे दैनिक उपयोग के लिए एक मजबूत और वॉटरप्रूफ लैपटॉप बैग दिखाइए।”
- दुकानदार: “नमस्ते सर! आइए, यह मॉडल देखिए। यह प्रीमियम वाटरप्रूफ फैब्रिक से बना है, जिसमें एक साल की वारंटी और कुशन पैडिंग भी है।”
- ग्राहक: “इसकी गुणवत्ता तो अच्छी लग रही है, पर क्या इसमें अतिरिक्त पॉकेट्स और चार्जर कम्पार्टमेंट है? इसका अंतिम मूल्य क्या होगा?”
- दुकानदार: “जी हाँ, इसमें तीन कम्पार्टमेंट हैं। इसका एम.आर.पी. ₹1800 है, लेकिन छूट के बाद आपको यह ₹1400 में मिल जाएगा।”
- ग्राहक: “कृपया बिल बना दीजिए और डिजिटल भुगतान (UPI) का क्यूआर कोड दिखाइए।”
- दुकानदार: “अवश्य सर, यह रहा कोड। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!”
प्र. 5. यातायात और परिवहन के संदर्भ में यात्री और बस परिचालक (Conductor) अथवा टिकट काउंटर लिपिक के बीच होने वाले संवाद का प्रारूप लिखिए।
उत्तर: सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर भीड़ और कोलाहल के कारण मौखिक संप्रेषण का संक्षिप्त, स्पष्ट और तेज होना आवश्यक है:
संवाद प्रारूप (रेलवे टिकट काउंटर):
- यात्री: “नमस्कार महोदय, कल सुबह की ‘सरायघाट एक्सप्रेस’ में गुवाहाटी से हावड़ा के लिए स्लीपर क्लास में एक टिकट उपलब्ध है क्या?”
- टिकट लिपिक: “नमस्कार। जी हाँ, कल के लिए आरएसी (RAC) में सीट मिल जाएगी। क्या आपको कन्फर्म टिकट ही चाहिए या यह चलेगा?”
- यात्री: “आरएसी चलेगा महोदय। यह रहा मेरा आरक्षण फॉर्म और निर्धारित शुल्क ₹450।”
- टिकट लिपिक: “यह लीजिए आपका टिकट और शेष ₹50। गाड़ी संख्या और प्रस्थान समय टिकट पर अंकित है, कृपया जांच लें।”
- यात्री: “धन्यवाद महोदय!”
ऐसे संवादों में समय की मितव्ययिता और सूचना की सटीकता सबसे प्रमुख गुण होते हैं।
प्र. 6. साक्षात्कार (Interview) का सामना करते समय किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनका समाधान कैसे किया जाए?
उत्तर: साक्षात्कार किसी भी अभ्यर्थी के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसके दौरान आने वाली मुख्य चुनौतियाँ और समाधान निम्न हैं:
- घबराहट और मानसिक तनाव (Anxiety): साक्षात्कार से ठीक पहले दिल की धड़कन बढ़ना और भूलने का डर होना स्वाभाविक है।
- समाधान: गहरी सांस लें, सकारात्मक सोचें और यह याद रखें कि यह केवल ज्ञान की नहीं, आपके स्वभाव की भी परीक्षा है।
- अज्ञात प्रश्नों का सामना: सभी प्रश्नों के उत्तर आना संभव नहीं है।
- समाधान: गलत या भ्रामक उत्तर देने के बजाय विनम्रतापूर्वक कहें— “क्षमा करें महोदय, इस समय मुझे इस विषय का स्मरण नहीं आ रहा है।”
- शारीरिक भाषा की कमजोरी: नजरें चुराना, पैर हिलाना या अत्यधिक गंभीर दिखना।
- समाधान: साक्षात्कारकर्ताओं के साथ सहज आई-कॉन्टैक्ट बनाएं और चेहरे पर सौम्य आत्मविश्वास बनाए रखें।
- अस्पष्ट वाक्-शैली: जल्दी-जल्दी या बहुत धीमे बोलना।
- समाधान: संतुलित गति, स्पष्ट उच्चारण और नपे-तुले शब्दों में उत्तर दें।
प्र. 7. ‘आत्म-परिचय’ (Self-Introduction) और ‘दूसरे की परिचय-प्राप्ति’ के भाषाई शिष्टाचार के नियमों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर: सामाजिक संप्रेषण का आरंभ परिचय के आदान-प्रदान से होता है। इसके लिए निर्धारित भाषाई शिष्टाचार निम्नलिखित हैं:
- आत्म-परिचय के नियम:
- स्पष्टता: नाम और पद का स्पष्ट उच्चारण करें।
- संक्षिप्तता: अनावश्यक आत्म-प्रशंसा या पारिवारिक इतिहास से बचें।
- विनम्रता: परिचय देते समय अहंकार के स्थान पर सहज शालीनता का भाव रखें।
- दूसरे की परिचय-प्राप्ति के नियम:
- अनुमतिसूचक भाषा: सीधे प्रश्न पूछने के बजाय कहें— “यदि आप बुरा न मानें तो क्या मैं आपका शुभ नाम जान सकता हूँ?”
- व्यक्तिगत प्रश्नों का निषेध: पहली ही मुलाकात में किसी की आय, जाति, धर्म या निजी पारिवारिक स्थिति पर प्रश्न न करें।
- सक्रिय प्रतिक्रिया: जब सामने वाला अपना परिचय दे, तो “आपसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई” जैसे आदरसूचक वाक्यों से संवाद पूर्ण करें।
प्र. 8. बैंक में शाखा प्रबंधक (Branch Manager) से शिक्षा ऋण (Education Loan) हेतु वार्तालाप का एक प्रामाणिक परिदृश्य तैयार कीजिए।
उत्तर:
- छात्र: “सादर प्रणाम महोदय! क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?”
- प्रबंधक: “प्रणाम! आइए, बैठिए। बताइए मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूँ?”
- छात्र: “सर, मेरा चयन गुवाहाटी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में हुआ है। उच्च शिक्षा का खर्च वहन करने हेतु मुझे बैंक से शिक्षा ऋण की आवश्यकता है।”
- प्रबंधक: “बहुत बधाई! क्या आपके पास विश्वविद्यालय का प्रवेश पत्र, शुल्क विवरण (Fee Structure) और अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र हैं?”
- छात्र: “जी महोदय, मैंने सभी मूल प्रमाण-पत्रों की प्रतियां और माता-पिता के आय प्रमाण-पत्र की फाइल तैयार कर ली है।”
- प्रबंधक: “उत्तम। आप यह ऋण आवेदन पत्र भरिए और दस्तावेजों के साथ काउंटर नंबर 3 पर जमा कर दीजिए। नियमानुसार सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृत कर दिया जाएगा।”
- छात्र: “मार्गदर्शन के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद महोदय!”
प्र. 9. मौखिक संप्रेषण की प्रभावशीलता में स्वर-माधुर्य, गति और विराम-चिह्नों के मौखिक प्रयोग का क्या महत्व है?
उत्तर: मौखिक संप्रेषण केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि उन्हें अभिव्यक्त करने की कला है। इसमें निम्नलिखित तत्वों का अत्यधिक महत्व है:
- स्वर-माधुर्य (Tone & Pitch): कर्कश और रूखी आवाज श्रोता को विमुख कर देती है, जबकि मधुर, सौम्य और स्पष्ट आवाज श्रोता को आकर्षित करती है।
- गति (Pace): बोलने की गति न तो बहुत तेज होनी चाहिए कि शब्द समझ न आएं, और न ही इतनी धीमी कि श्रोता ऊब जाए। एक संतुलित गति ही संप्रेषण को प्रभावी बनाती है।
- मौखिक विराम (Pauses): लिखते समय जो काम विराम-चिह्न करते हैं, बोलते समय वही काम ‘उचित ठहराव’ करता है। महत्वपूर्ण बिंदुओं से पहले या बाद में लिया गया एक पल का विराम बात को वजनदार और विचारणीय बनाता है।
इन तीनों का सही समन्वय वक्ता को एक उत्कृष्ट और प्रभावशाली वक्ता बनाता है।
प्र. 10. किसी सरकारी अथवा निजी कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी (PRO) से सूचना प्राप्त करने हेतु संवाद का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
- आगंतुक: “नमस्ते महोदय! मुझे इस विभाग द्वारा आयोजित होने वाली आगामी कार्यशाला के संबंध में कुछ जानकारी चाहिए थी।”
- जनसंपर्क अधिकारी: “नमस्ते! कृपया बैठिए। आप किस विशिष्ट विषय पर जानकारी चाहते हैं?”
- आगंतुक: “महोदय, मैं यह जानना चाहता हूँ कि कार्यशाला में पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है और क्या इसके लिए कोई पंजीकरण शुल्क निर्धारित है?”
- जनसंपर्क अधिकारी: “पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 अगस्त है और छात्रों के लिए यह कार्यशाला पूर्णतः निःशुल्क है। आप हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।”
- आगंतुक: “क्या कार्यशाला के समापन पर सहभागिता प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा?”
- जनसंपर्क अधिकारी: “जी हाँ, न्यूनतम 80% उपस्थिति वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।”
- आगंतुक: “विस्तृत जानकारी के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद महोदय!”
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