Chapter 2
मौखिक सम्प्रेषण – अभिवादन
अति-लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. ‘अभिवादन’ शब्द का एक पर्यायवाची शब्द लिखिए। [2025]
उत्तर: ‘अभिवादन’ का एक उपयुक्त पर्यायवाची शब्द ‘प्रणाम’ है। प्रसंग के अनुसार ‘नमस्कार’ भी अभिवादन के रूप में प्रयुक्त होता है।
प्रश्न 2. अपरिचित जनों को अभिवादन के रूप में किन शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं? दो शब्द लिखिए। [2025]
उत्तर: अपरिचित व्यक्तियों को अभिवादन करते समय ‘नमस्ते’ और ‘नमस्कार’ शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 3. मौखिक संप्रेषण का सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण माध्यम क्या है?
उत्तर: मौखिक संप्रेषण का सबसे प्राथमिक माध्यम वाणी है, अर्थात मुख से उच्चरित ध्वनियों और शब्दों के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान।
प्रश्न 4. आत्म-परिचय देते समय सर्वप्रथम क्या बताना चाहिए?
उत्तर: आत्म-परिचय देते समय सर्वप्रथम अपना नाम बताना चाहिए। आवश्यकता के अनुसार उसके बाद शैक्षणिक, व्यावसायिक या अन्य संबंधित जानकारी दी जा सकती है।
प्रश्न 5. औपचारिक अवसरों पर बड़ों को आदरपूर्वक क्या कहकर अभिवादन किया जाता है?
उत्तर: औपचारिक अवसरों पर बड़ों को ‘नमस्कार’, ‘प्रणाम’ या ‘सादर प्रणाम’ कहकर अभिवादन किया जा सकता है।
प्रश्न 6. साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश करते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए?
उत्तर: साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश से पहले अनुमति लेनी चाहिए और अंदर पहुँचकर साक्षात्कार मंडल का विनम्रतापूर्वक अभिवादन करना चाहिए।
प्रश्न 7. मित्र-मंडली के बीच होने वाला वार्तालाप संप्रेषण के किस भेद में आता है?
उत्तर: मित्र-मंडली के बीच होने वाला वार्तालाप अनौपचारिक मौखिक संप्रेषण का उदाहरण है।
प्रश्न 8. बैंक या डाकघर में बातचीत करते समय भाषा की शैली कैसी होनी चाहिए?
उत्तर: बैंक या डाकघर में भाषा स्पष्ट, संक्षिप्त, शिष्ट, तथ्यपरक और औपचारिक होनी चाहिए।
प्रश्न 9. यातायात और परिवहन के दौरान परिचालक से टिकट माँगते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर: टिकट माँगते समय गंतव्य स्थान, यात्रियों की संख्या और आवश्यकता होने पर टिकट के प्रकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
प्रश्न 10. दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय किस प्रकार के प्रश्नों से बचना चाहिए?
उत्तर: दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय अत्यधिक निजी, संवेदनशील या असहज करने वाले प्रश्नों से बचना चाहिए।
प्रश्न 11. मौखिक संप्रेषण में शारीरिक भाषा का क्या महत्व है?
उत्तर: शारीरिक भाषा वक्ता के आत्मविश्वास, भाव, रुचि और दृष्टिकोण को व्यक्त करती है तथा मौखिक संदेश को अधिक प्रभावी बना सकती है।
प्रश्न 12. सामग्री क्रय-विक्रय करते समय ग्राहक का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: ग्राहक का मुख्य उद्देश्य वस्तु की गुणवत्ता, उपयोगिता, मूल्य, उपलब्धता तथा आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्तता की जानकारी प्राप्त करना होता है।
प्रश्न 13. कार्यालयी वार्तालाप किस प्रकार के संप्रेषण का उदाहरण है?
उत्तर: कार्यालयी वार्तालाप औपचारिक मौखिक संप्रेषण का उदाहरण है।
प्रश्न 14. किसी अपरिचित व्यक्ति से बातचीत शुरू करने का उपयुक्त तरीका क्या है?
उत्तर: विनम्र अभिवादन के साथ बातचीत शुरू करना उचित है, जैसे—‘नमस्ते’ या ‘नमस्कार’, और उसके बाद प्रसंगानुकूल सामान्य प्रश्न पूछा जा सकता है।
प्रश्न 15. साक्षात्कार का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: साक्षात्कार का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थी के ज्ञान, कौशल, संप्रेषण क्षमता, व्यक्तित्व, अनुभव और पद के लिए उपयुक्तता का मूल्यांकन करना है।
50 शब्दों वाले लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. किसी अनजान व्यक्ति से भेंट होने पर उनका परिचय प्राप्त करने हेतु क्या-क्या पूछा जा सकता है? एक नमूना प्रस्तुत कीजिए। [2025]
उत्तर: परिचय प्राप्त करते समय विनम्रता और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण—“नमस्ते, मेरा नाम राहुल है। क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ?” इसके बाद आवश्यकता हो तो पूछा जा सकता है—“आप कहाँ से हैं?” या “आप किस संस्था से जुड़े हैं?” अत्यधिक निजी प्रश्नों से बचना चाहिए।
प्रश्न 2. मौखिक संप्रेषण में अभिवादन का क्या महत्व है?
उत्तर: अभिवादन बातचीत की सकारात्मक शुरुआत करता है। यह सम्मान, विनम्रता और सामाजिक शिष्टाचार का परिचायक है। उचित अभिवादन से सामने वाला व्यक्ति सहज महसूस करता है, आपसी दूरी कम होती है और संवाद के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है।
प्रश्न 3. मित्रों के साथ वार्तालाप और कार्यालयी वार्तालाप में क्या अंतर है?
उत्तर: मित्रों के साथ वार्तालाप सामान्यतः अनौपचारिक, सहज और आत्मीय होता है। इसके विपरीत कार्यालयी वार्तालाप अधिक औपचारिक, कार्य-केंद्रित, स्पष्ट और शिष्टाचारयुक्त होता है। कार्यालय में पद, परिस्थिति और उद्देश्य के अनुरूप भाषा का चयन आवश्यक होता है।
प्रश्न 4. सामग्री क्रय-विक्रय के समय दुकानदार और ग्राहक के बीच प्रभावी संवाद कैसा होना चाहिए?
उत्तर: दुकानदार और ग्राहक के बीच संवाद स्पष्ट, विनम्र और तथ्यपरक होना चाहिए। ग्राहक अपनी आवश्यकता और बजट स्पष्ट बताए तथा दुकानदार वस्तु की गुणवत्ता, मूल्य, वारंटी या अन्य शर्तों की सही जानकारी दे। इससे विश्वास बढ़ता है और उचित वस्तु का चयन आसान होता है।
प्रश्न 5. डाकघर में रजिस्ट्री पत्र भेजने हेतु कर्मचारी से बातचीत का एक संक्षिप्त नमूना दीजिए।
उत्तर: ग्राहक कह सकता है—“नमस्कार, मुझे यह पत्र रजिस्टर्ड पोस्ट से गुवाहाटी भेजना है। कृपया इसकी प्रक्रिया और शुल्क बता दीजिए।” कर्मचारी पता, पिन कोड और वजन की जाँच करके शुल्क बताएगा। ग्राहक को रसीद सुरक्षित रखनी चाहिए।
प्रश्न 6. अपरिचित जनों से बातचीत करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: अपरिचित व्यक्तियों से बातचीत करते समय भाषा विनम्र, स्पष्ट और संयमित होनी चाहिए। व्यक्तिगत सीमा का सम्मान करना चाहिए, अनावश्यक निजी प्रश्नों से बचना चाहिए और परिस्थिति के अनुसार ‘आप’ जैसे आदरसूचक संबोधन का प्रयोग करना चाहिए।
प्रश्न 7. साक्षात्कार के दौरान शारीरिक भाषा की क्या भूमिका है?
उत्तर: साक्षात्कार में शारीरिक भाषा आत्मविश्वास, रुचि और संयम का संकेत देती है। सीधे बैठना, स्वाभाविक नेत्र-संपर्क रखना, अनावश्यक हाथ-पैर न हिलाना और शांत चेहरे के भाव बनाए रखना सकारात्मक प्रभाव डालता है। शरीर की मुद्रा शब्दों के साथ संतुलित होनी चाहिए।
प्रश्न 8. बस या रेल यात्रा के दौरान सह-यात्री से आत्मीय संवाद कैसे स्थापित करें?
उत्तर: सह-यात्री से बातचीत सामान्य और सुरक्षित विषय से शुरू की जा सकती है, जैसे—“नमस्ते, क्या आप भी तिनसुकिया तक जा रहे हैं?” यदि सामने वाला बातचीत में रुचि दिखाए तो सामान्य यात्रा, मार्ग या मौसम की चर्चा की जा सकती है। निजी प्रश्नों से बचना चाहिए।
प्रश्न 9. सक्रिय श्रवण मौखिक संप्रेषण को कैसे बेहतर बनाता है?
उत्तर: सक्रिय श्रवण का अर्थ है सामने वाले की बात ध्यानपूर्वक सुनना, बीच में अनावश्यक बाधा न डालना और सही अर्थ समझना। इससे उचित उत्तर देना आसान होता है, गलतफहमियाँ कम होती हैं और संवाद अधिक सम्मानजनक तथा प्रभावी बनता है।
प्रश्न 10. बैंक में नया बचत खाता खुलवाने हेतु बातचीत का संक्षिप्त रूप लिखिए।
उत्तर: ग्राहक कह सकता है—“नमस्कार, मैं एक बचत खाता खुलवाना चाहता हूँ। कृपया आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी दें।” अधिकारी बैंक की वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार पहचान, पते और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी देगा और आवेदन की प्रक्रिया समझाएगा।
प्रश्न 11. दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय सहानुभूति और सम्मान क्यों जरूरी है?
उत्तर: सम्मानजनक व्यवहार से सामने वाला व्यक्ति सहज और सुरक्षित महसूस करता है। परिचय प्राप्त करते समय उसकी निजता, भावनाओं और व्यक्तिगत सीमा का ध्यान रखना चाहिए। विनम्र प्रश्न और ध्यानपूर्वक सुनना संवाद में विश्वास और आत्मीयता बढ़ाते हैं।
प्रश्न 12. मौखिक संप्रेषण में ध्वनि के उतार-चढ़ाव का क्या महत्व है?
उत्तर: स्वर का उतार-चढ़ाव, गति, लय और उचित विराम संदेश के भाव को स्पष्ट करते हैं। एक ही वाक्य अलग स्वर में अलग प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। संतुलित Intonation श्रोता की रुचि बनाए रखता है और वक्ता की बात अधिक प्रभावशाली बनाता है।
प्रश्न 13. कार्यालय में उच्चाधिकारी से अवकाश माँगते समय संवाद कैसा हो?
उत्तर: कर्मचारी विनम्रतापूर्वक कह सकता है—“नमस्कार सर/मैडम, एक आवश्यक व्यक्तिगत कार्य के कारण मुझे कल एक दिन का अवकाश चाहिए। मैंने आवश्यक आवेदन प्रस्तुत कर दिया है। कृपया अनुमति प्रदान करें।” भाषा संक्षिप्त, स्पष्ट और सम्मानजनक होनी चाहिए।
प्रश्न 14. साक्षात्कार कक्ष से बाहर निकलते समय शिष्टाचार के क्या नियम हैं?
उत्तर: साक्षात्कार समाप्त होने पर साक्षात्कारकर्ताओं को धन्यवाद देना चाहिए, अपनी वस्तुएँ व्यवस्थित रूप से उठानी चाहिए और बिना जल्दबाजी के शांतिपूर्वक बाहर निकलना चाहिए। उदाहरण—“धन्यवाद सर/मैडम, अवसर देने के लिए आभारी हूँ।”
प्रश्न 15. मौखिक संप्रेषण में स्पष्ट उच्चारण की क्या उपयोगिता है?
उत्तर: स्पष्ट उच्चारण से श्रोता संदेश को सही अर्थ में समझ पाता है। अस्पष्ट या गलत उच्चारण से भ्रम और अर्थ परिवर्तन हो सकता है। इसलिए उचित गति, स्पष्ट शब्दोच्चारण और सही ध्वनि-उच्चारण प्रभावी मौखिक संप्रेषण के लिए आवश्यक हैं।
200 शब्दों वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. नौकरी के लिए साक्षात्कार के प्रारंभ में अपना परिचय कैसे दिया जाना चाहिए? एक व्यावहारिक नमूना प्रस्तुत कीजिए। [2025]
उत्तर: साक्षात्कार में आत्म-परिचय संक्षिप्त, स्वाभाविक, तथ्यपरक और पद के अनुरूप होना चाहिए। परिचय में नाम, निवास-स्थान, शैक्षणिक योग्यता, संबंधित कौशल, उपयोगी अनुभव और करियर उद्देश्य का संक्षिप्त उल्लेख किया जा सकता है। अनावश्यक पारिवारिक विवरण, अतिशयोक्ति और ऐसी जानकारी से बचना चाहिए जिसका पद से कोई संबंध न हो।
उदाहरण—“नमस्कार सर/मैडम। मेरा नाम अभिनव शर्मा है और मैं असम के नलबाड़ी जिले से हूँ। मैंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है। पढ़ाई के दौरान मेरी विशेष रुचि कार्यालयी हिंदी, लेखन और संपादन में रही है। मुझे एक स्थानीय प्रकाशन संस्था में संपादन संबंधी कार्य का अनुभव भी प्राप्त हुआ है, जिससे टीमवर्क, समय प्रबंधन और भाषा-संपादन का व्यावहारिक ज्ञान मिला। मैं नई चीजें सीखने, जिम्मेदारी लेने और सहयोगी वातावरण में काम करने में रुचि रखता हूँ। मुझे विश्वास है कि अपनी भाषा-कौशल और कार्य-अनुशासन के माध्यम से इस पद की जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभा सकता हूँ। धन्यवाद।”
इस प्रकार परिचय आत्मविश्वासपूर्ण हो, परंतु आत्म-प्रशंसा से भरा हुआ न हो।
प्रश्न 2. मौखिक संप्रेषण के विभिन्न प्रसंगों—कार्यालय, बैंक, डाकघर और हाट-बाजार—की भाषा-शैली का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: मौखिक संप्रेषण की भाषा-शैली स्थान, उद्देश्य और संबोधन के अनुसार बदलती है।
कार्यालय में भाषा औपचारिक, कार्य-केंद्रित, स्पष्ट और मर्यादित होती है। आदेश, सूचना, अनुरोध और रिपोर्ट संबंधी बातचीत में संक्षिप्तता आवश्यक है।
बैंक में भाषा तथ्यपरक और स्पष्ट होनी चाहिए। खाता, लेन-देन, ऋण, ब्याज, दस्तावेज और प्रक्रिया से संबंधित शब्दों का सही प्रयोग आवश्यक होता है।
डाकघर में पता, पिन कोड, सेवा का प्रकार, शुल्क और प्राप्ति संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप में दी जाती है। यहाँ भी औपचारिकता और सटीकता आवश्यक है।
हाट-बाजार में भाषा अपेक्षाकृत अनौपचारिक और व्यावहारिक होती है। यहाँ वस्तु, गुणवत्ता, मात्रा, मूल्य और मोलभाव से संबंधित संवाद प्रमुख होता है।
इन सभी प्रसंगों में शिष्टाचार आवश्यक है, पर भाषा की औपचारिकता का स्तर अलग-अलग होता है। सफल मौखिक संप्रेषण वही है जिसमें व्यक्ति परिस्थिति के अनुसार सही शब्द, लहजा और शैली का चयन करे।
प्रश्न 3. अपरिचित जनों से बातचीत और मित्र-मंडली के साथ वार्तालाप के मनोवैज्ञानिक और भाषाई पक्षों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: अपरिचित व्यक्ति और मित्र के साथ संवाद की भाषा तथा मनोवैज्ञानिक स्थिति में स्पष्ट अंतर होता है।
अपरिचित व्यक्ति से बातचीत करते समय सामान्यतः व्यक्ति अधिक सतर्क रहता है। वह सामने वाले की प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सीमा को ध्यान में रखता है। इसलिए भाषा में ‘आप’, ‘कृपया’, ‘धन्यवाद’, ‘क्षमा कीजिए’ जैसे विनम्र शब्दों का प्रयोग अधिक होता है। बातचीत सामान्य विषयों से शुरू की जाती है और अत्यधिक निजी प्रश्नों से बचा जाता है।
मित्र-मंडली में व्यक्ति अपेक्षाकृत अधिक सहज और खुला होता है। भाषा अनौपचारिक, आत्मीय और स्थानीय बोलचाल से युक्त हो सकती है। हास्य, मुहावरे और व्यक्तिगत अनुभव भी अधिक सहजता से साझा किए जाते हैं।
फिर भी मित्रता में भी सम्मान और व्यक्तिगत सीमा आवश्यक है। अनौपचारिकता का अर्थ असम्मान नहीं है।
इस प्रकार अपरिचितों के साथ संवाद में सामाजिक मर्यादा और सावधानी अधिक होती है, जबकि मित्रों के बीच विश्वास, आत्मीयता और सहजता प्रमुख होती है।
प्रश्न 4. सामग्री क्रय-विक्रय के प्रसंग में विक्रेता और ग्राहक के बीच आदर्श संवाद के नियम और एक लिखित उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: क्रय-विक्रय के दौरान ग्राहक और विक्रेता के बीच स्पष्ट, विनम्र और पारदर्शी संवाद आवश्यक है। ग्राहक को अपनी आवश्यकता, बजट और अपेक्षित विशेषताएँ स्पष्ट करनी चाहिए। विक्रेता को वस्तु की गुणवत्ता, मूल्य, उपलब्धता, वारंटी, वापसी की शर्तें और अन्य आवश्यक जानकारी सही रूप में देनी चाहिए।
उदाहरण—
ग्राहक: नमस्ते, मुझे रोज़मर्रा के उपयोग के लिए एक मजबूत और पानी से सुरक्षित लैपटॉप बैग चाहिए।
दुकानदार: नमस्ते। यह मॉडल देखिए। इसमें लैपटॉप के लिए गद्देदार भाग, अतिरिक्त पॉकेट और पानी से बचाव वाला कपड़ा है।
ग्राहक: इसकी कीमत कितनी है? क्या इस पर कोई वारंटी है?
दुकानदार: इसकी कीमत ₹1,400 है और निर्माता की एक वर्ष की सीमित वारंटी है।
ग्राहक: ठीक है। कृपया बिल बना दीजिए। क्या डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं?
दुकानदार: जी हाँ। आप UPI से भुगतान कर सकते हैं।
ऐसे संवाद में पारदर्शिता, धैर्य और सही जानकारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 5. यातायात और परिवहन के संदर्भ में यात्री और बस परिचालक अथवा टिकट काउंटर लिपिक के बीच होने वाले संवाद का प्रारूप लिखिए।
उत्तर: सार्वजनिक परिवहन में संवाद संक्षिप्त, स्पष्ट और तथ्यपरक होना चाहिए। यात्री को गंतव्य, यात्रा की तारीख, यात्रियों की संख्या और आवश्यकता के अनुसार सीट या टिकट की श्रेणी स्पष्ट बतानी चाहिए।
उदाहरण—
यात्री: नमस्कार, गुवाहाटी से जोरहाट के लिए अगली बस कितने बजे है?
काउंटर कर्मचारी: अगली बस दोपहर 2 बजे है।
यात्री: एक सीट का किराया कितना है? क्या सीट उपलब्ध है?
कर्मचारी: जी हाँ, सीट उपलब्ध है। किराया ₹___ है।
यात्री: कृपया एक टिकट दे दीजिए।
कर्मचारी: यह रहा आपका टिकट। बस प्लेटफॉर्म नंबर 3 से जाएगी।
यात्री: धन्यवाद।
रेलवे या अन्य परिवहन में किराया, सीट की उपलब्धता और समय बदल सकते हैं, इसलिए संवाद में अनुमानित या मनगढ़ंत जानकारी देने के बजाय वर्तमान सूचना स्पष्ट रूप से पूछनी चाहिए।
प्रश्न 6. साक्षात्कार का सामना करते समय किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनका समाधान कैसे किया जाए?
उत्तर: साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थी को घबराहट, कठिन प्रश्न, समय का दबाव, शारीरिक भाषा और स्पष्ट अभिव्यक्ति जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
घबराहट: अत्यधिक तनाव उत्तर देने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसका समाधान पूर्वाभ्यास, पर्याप्त तैयारी और नियंत्रित श्वास से किया जा सकता है।
कठिन प्रश्न: हर प्रश्न का उत्तर आना आवश्यक नहीं है। जानकारी न होने पर विनम्रतापूर्वक स्वीकार करना गलत उत्तर देने से बेहतर है।
अस्पष्ट अभिव्यक्ति: बहुत तेज या बहुत धीमे बोलने से संदेश स्पष्ट नहीं रहता। संतुलित गति और छोटे, स्पष्ट वाक्य उपयोगी होते हैं।
शारीरिक भाषा: लगातार नीचे देखना, बेचैनी या अस्वाभाविक हाव-भाव नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। स्वाभाविक नेत्र-संपर्क और संतुलित मुद्रा रखना चाहिए।
अनावश्यक विस्तार: उत्तर प्रश्न के अनुरूप और केंद्रित होना चाहिए।
अच्छी तैयारी, आत्मविश्वास, विनम्रता और स्पष्ट संप्रेषण साक्षात्कार की चुनौतियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
प्रश्न 7. आत्म-परिचय और दूसरे की परिचय-प्राप्ति के भाषाई शिष्टाचार के नियमों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर: सामाजिक और व्यावसायिक संप्रेषण में परिचय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आत्म-परिचय देते समय व्यक्ति को अपना नाम स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। आवश्यकता के अनुसार शिक्षा, कार्य, संस्था या भूमिका की संक्षिप्त जानकारी दी जा सकती है। परिचय अत्यधिक लंबा या आत्म-प्रशंसात्मक नहीं होना चाहिए।
दूसरे व्यक्ति का परिचय प्राप्त करते समय विनम्र प्रश्न पूछना चाहिए। जैसे—“नमस्ते, क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ?” या “आप किस संस्था से जुड़े हैं?” पहली मुलाकात में आय, धर्म, जाति, स्वास्थ्य, पारिवारिक समस्या या अन्य संवेदनशील निजी प्रश्न पूछना उचित नहीं होता।
सामने वाले की बात ध्यानपूर्वक सुनना भी शिष्टाचार का हिस्सा है। परिचय मिलने पर “आपसे मिलकर प्रसन्नता हुई” जैसे वाक्य संवाद को सौहार्दपूर्ण बनाते हैं।
इस प्रकार परिचय का उद्देश्य केवल सूचना प्राप्त करना नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास के साथ संवाद की शुरुआत करना है।
प्रश्न 8. बैंक में शाखा प्रबंधक से शिक्षा ऋण हेतु वार्तालाप का एक व्यावहारिक परिदृश्य तैयार कीजिए।
उत्तर: शिक्षा ऋण के संबंध में बातचीत औपचारिक, स्पष्ट और दस्तावेज-आधारित होनी चाहिए।
छात्र: नमस्कार सर/मैडम। मुझे उच्च शिक्षा के लिए Education Loan की प्रक्रिया के बारे में जानकारी चाहिए।
प्रबंधक: नमस्कार। आप किस पाठ्यक्रम और संस्था में प्रवेश ले रहे हैं?
छात्र: मेरा एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हुआ है। यह प्रवेश पत्र और शुल्क विवरण है।
प्रबंधक: ठीक है। बैंक की वर्तमान नीति के अनुसार कुछ शैक्षणिक, पहचान और आय संबंधी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। मैं आपको दस्तावेजों की सूची और आवेदन प्रक्रिया बता देता हूँ।
छात्र: क्या आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है?
प्रबंधक: यदि यह सुविधा उपलब्ध है तो ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, अन्यथा शाखा में फॉर्म जमा करना होगा।
छात्र: कृपया ब्याज दर, पुनर्भुगतान और अन्य शर्तों की जानकारी भी दे दीजिए।
प्रबंधक: अवश्य। मैं आपको वर्तमान नियमों के अनुसार विवरण समझा देता हूँ।
छात्र: धन्यवाद।
यह संवाद इसलिए अधिक उचित है क्योंकि बैंक की वास्तविक ऋण-शर्तें समय और संस्था के अनुसार बदल सकती हैं।
प्रश्न 9. मौखिक संप्रेषण की प्रभावशीलता में स्वर-माधुर्य, गति और मौखिक विराम का क्या महत्व है?
उत्तर: प्रभावी मौखिक संप्रेषण में केवल शब्द ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि उन्हें बोलने का ढंग भी महत्वपूर्ण होता है।
स्वर-माधुर्य: आवाज़ का स्वर विनम्र, स्पष्ट और परिस्थिति के अनुरूप होना चाहिए। अत्यधिक कठोर या बनावटी आवाज़ श्रोता को असहज कर सकती है।
गति: बोलने की गति संतुलित होनी चाहिए। बहुत तेज बोलने से शब्द समझ में नहीं आते और बहुत धीमे बोलने से संवाद नीरस हो सकता है।
विराम: उचित स्थान पर ठहराव लेने से श्रोता को संदेश समझने का समय मिलता है। महत्वपूर्ण बिंदु से पहले या बाद का विराम उस बात पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
स्वर-उतार-चढ़ाव: प्रश्न, आश्चर्य, गंभीरता या उत्साह जैसे भावों को व्यक्त करने में उपयोगी है।
इस प्रकार स्वर, गति और विराम का संतुलित प्रयोग वक्ता की बात को स्पष्ट, स्वाभाविक और प्रभावशाली बनाता है।
प्रश्न 10. किसी सरकारी अथवा निजी कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी से सूचना प्राप्त करने हेतु संवाद का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: जनसंपर्क अधिकारी से बातचीत करते समय विनम्र, स्पष्ट और तथ्यपरक भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
आगंतुक: नमस्कार सर/मैडम। मुझे आपके विभाग द्वारा आयोजित होने वाली आगामी कार्यशाला के बारे में जानकारी चाहिए।
जनसंपर्क अधिकारी: नमस्कार। कृपया बताइए, आपको किस प्रकार की जानकारी चाहिए?
आगंतुक: मैं पंजीकरण की अंतिम तिथि, शुल्क और पात्रता की जानकारी जानना चाहता हूँ।
अधिकारी: यह जानकारी आधिकारिक सूचना-पत्र और वेबसाइट पर उपलब्ध है। मैं आपको संबंधित विवरण बता देता हूँ।
आगंतुक: क्या प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा?
अधिकारी: यदि आयोजन के नियमों में यह प्रावधान है तो पात्र प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। कृपया आधिकारिक निर्देश देख लें।
आगंतुक: धन्यवाद। कृपया संबंधित वेबसाइट या सूचना-पत्र का विवरण भी बता दीजिए।
अधिकारी: अवश्य।
ऐसे संवाद में अनुमान के स्थान पर आधिकारिक और वर्तमान जानकारी को प्राथमिकता देना चाहिए।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. ‘अभिवादन’ का उपयुक्त पर्यायवाची कौन-सा है?
A. प्रश्न
B. प्रणाम
C. विवाद
D. आदेश
उत्तर: B. प्रणाम
2. अपरिचित व्यक्ति को अभिवादन करते समय कौन-सा शब्द उपयुक्त है?
A. नमस्कार
B. चुप रहो
C. जल्दी करो
D. हटो
उत्तर: A. नमस्कार
3. मौखिक संप्रेषण का मुख्य माध्यम क्या है?
A. चित्र
B. वाणी
C. केवल लेखन
D. संकेत-पट्ट
उत्तर: B. वाणी
4. मित्र-मंडली का वार्तालाप सामान्यतः कैसा होता है?
A. औपचारिक
B. अनौपचारिक
C. कानूनी
D. प्रशासनिक
उत्तर: B. अनौपचारिक
5. कार्यालयी वार्तालाप की भाषा कैसी होनी चाहिए?
A. अस्पष्ट
B. अशिष्ट
C. स्पष्ट और औपचारिक
D. अत्यधिक भावुक
उत्तर: C. स्पष्ट और औपचारिक
6. साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश से पहले क्या करना चाहिए?
A. बिना अनुमति अंदर जाना
B. अनुमति लेना
C. जोर से बोलना
D. फोन करना
उत्तर: B. अनुमति लेना
7. अपरिचित व्यक्ति से बातचीत में किससे बचना चाहिए?
A. नमस्कार से
B. निजी और असहज प्रश्नों से
C. विनम्रता से
D. स्पष्ट भाषा से
उत्तर: B. निजी और असहज प्रश्नों से
8. Active Listening का अर्थ क्या है?
A. बीच-बीच में बोलते रहना
B. ध्यानपूर्वक सुनना
C. बात न सुनना
D. विषय बदलना
उत्तर: B. ध्यानपूर्वक सुनना
9. साक्षात्कार में कौन-सी शारीरिक भाषा उपयुक्त है?
A. अत्यधिक बेचैनी
B. संतुलित मुद्रा
C. लगातार नीचे देखना
D. बार-बार मोबाइल देखना
उत्तर: B. संतुलित मुद्रा
10. बैंक में बातचीत करते समय भाषा कैसी होनी चाहिए?
A. तथ्यपरक और स्पष्ट
B. अत्यधिक मजाकपूर्ण
C. अस्पष्ट
D. असम्मानजनक
उत्तर: A. तथ्यपरक और स्पष्ट
11. दुकानदार और ग्राहक के संवाद में क्या आवश्यक है?
A. पारदर्शिता
B. भ्रम
C. गलत जानकारी
D. अशिष्टता
उत्तर: A. पारदर्शिता
12. मौखिक संप्रेषण में Intonation का संबंध किससे है?
A. केवल लिखावट
B. स्वर के उतार-चढ़ाव से
C. केवल व्याकरण से
D. केवल विराम-चिह्न से
उत्तर: B. स्वर के उतार-चढ़ाव से
13. बोलते समय उचित ठहराव को क्या कहा जा सकता है?
A. मौखिक विराम
B. वर्तनी
C. अनुच्छेद
D. लेखन
उत्तर: A. मौखिक विराम
14. आत्म-परिचय में सबसे पहले क्या बताया जाता है?
A. आय
B. नाम
C. जाति
D. निजी समस्या
उत्तर: B. नाम
15. साक्षात्कार के बाद क्या करना उचित है?
A. बिना कुछ कहे चले जाना
B. धन्यवाद देना
C. बहस करना
D. परिणाम पूछते रहना
उत्तर: B. धन्यवाद देना
16. जनसंपर्क अधिकारी से सूचना लेते समय किसे प्राथमिकता देनी चाहिए?
A. अफवाह
B. आधिकारिक जानकारी
C. अनुमान
D. निजी राय
उत्तर: B. आधिकारिक जानकारी
17. बस परिचालक से टिकट लेते समय सबसे महत्वपूर्ण क्या बताना चाहिए?
A. अपना पूरा जीवन-वृत्त
B. गंतव्य स्थान
C. परिवार की जानकारी
D. नौकरी का विवरण
उत्तर: B. गंतव्य स्थान
18. मौखिक संप्रेषण में स्पष्ट उच्चारण का उद्देश्य क्या है?
A. भ्रम बढ़ाना
B. संदेश को सही रूप में समझाना
C. बातचीत लंबी करना
D. केवल प्रभाव दिखाना
उत्तर: B. संदेश को सही रूप में समझाना
19. आत्म-परिचय कैसा होना चाहिए?
A. बहुत लंबा
B. संक्षिप्त और प्रासंगिक
C. केवल आत्म-प्रशंसा वाला
D. असत्य जानकारी वाला
उत्तर: B. संक्षिप्त और प्रासंगिक
20. सफल मौखिक संप्रेषण का एक प्रमुख गुण कौन-सा है?
A. अस्पष्टता
B. विनम्रता और स्पष्टता
C. अत्यधिक कठिन भाषा
D. श्रोता की उपेक्षा
उत्तर: B. विनम्रता और स्पष्टता
Teacher Generate Question Answer
“मौखिक सम्प्रेषण – अभिवादन”
अति-लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्र. 1. ‘अभिवादन’ शब्द का एक पर्यायवाची शब्द लिखिए। [2025]
उत्तर: ‘अभिवादन’ शब्द का पर्यायवाची शब्द ‘प्रणाम’ या ‘नमस्ते’ है।
प्र. 2. अपरिचित जनों को अभिवादन के रूप में किन शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं? दो शब्द लिखिए। [2025]
उत्तर: अपरिचित जनों के लिए ‘नमस्ते’ और ‘नमस्कार’ शब्दों का प्रयोग किया जा सकता है।
प्र. 3. मौखिक संप्रेषण का सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण माध्यम क्या है?
उत्तर: मौखिक संप्रेषण का प्राथमिक माध्यम मानव मुख से उच्चरित वाणी (ध्वनि/शब्द) है।
प्र. 4. आत्म-परिचय देते समय सर्वप्रथम क्या बताना चाहिए?
उत्तर: अपना शुभ नाम और वर्तमान शैक्षणिक या व्यावसायिक स्थिति।
प्र. 5. औपचारिक अवसरों पर बड़ों को आदरपूर्वक क्या कहकर अभिवादन किया जाता है?
उत्तर: ‘चरण स्पर्श’ या ‘सादर प्रणाम’।
प्र. 6. साक्षात्कार (Interview) कक्ष में प्रवेश करते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए?
उत्तर: कक्ष में प्रवेश की अनुमति लेकर साक्षात्कारकर्ताओं का विनम्रतापूर्वक अभिवादन करना चाहिए।
प्र. 7. मित्र-मंडली के बीच होने वाला वार्तालाप संप्रेषण के किस भेद में आता है?
उत्तर: अनौपचारिक (Informal) मौखिक संप्रेषण में।
प्र. 8. बैंक या डाकघर में बातचीत करते समय भाषा की शैली कैसी होनी चाहिए?
उत्तर: संक्षिप्त, स्पष्ट, औपचारिक और शिष्टाचारयुक्त।
प्र. 9. यातायात और परिवहन के दौरान परिचालक (Conductor) से टिकट मांगते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर: गंतव्य स्थान और टिकटों की संख्या स्पष्ट शब्दों में बतानी चाहिए।
प्र. 10. दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय किस प्रकार के प्रश्नों से बचना चाहिए?
उत्तर: व्यक्तिगत और असहज करने वाले निजी प्रश्नों से।
प्र. 11. मौखिक संप्रेषण में ‘शारीरिक भाषा’ (Body Language) का क्या महत्व है?
उत्तर: यह वक्ता के आत्मविश्वास और कही जा रही बात की प्रभावशीलता को बढ़ाती है।
प्र. 12. सामग्री क्रय-विक्रय करते समय ग्राहक का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोगिता और उचित मूल्य की जानकारी प्राप्त करना।
प्र. 13. कार्यालयी वार्तालाप किस प्रकार के संप्रेषण का उदाहरण है?
उत्तर: औपचारिक मौखिक संप्रेषण का।
प्र. 14. किसी अपरिचित व्यक्ति से बातचीत शुरू करने का सबसे अच्छा माध्यम क्या है?
उत्तर: सौम्य मुस्कान के साथ ‘नमस्ते’ या ‘शुभ दिन’ कहना।
प्र. 15. साक्षात्कार का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
उत्तर: अभ्यर्थी के ज्ञान, अभिव्यक्ति क्षमता, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना।
50 शब्दों वाले लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्र. 1. किसी अनजान व्यक्ति से भेंट होने पर उनकी परिचय-प्राप्ति हेतु क्या-क्या पूछे जाते हैं? एक नमूना लिखित रूप में प्रस्तुत कीजिए। [2025]
उत्तर:
- “नमस्ते! मेरा नाम राहुल है। क्या मैं आपका शुभ नाम जान सकता हूँ?”
- “आप कहाँ के निवासी हैं?”
- “आप किस संस्था/कार्यालय से जुड़े हैं?”
- “आपसे मिलकर बहुत प्रसन्नता हुई, क्या हम इस विषय पर चर्चा कर सकते हैं?”
प्र. 2. मौखिक संप्रेषण में अभिवादन का क्या महत्व है?
उत्तर: अभिवादन बातचीत की शुरुआत का सेतु है। यह वक्ता के संस्कारों, विनम्रता और सम्मान की भावना को प्रकट करता है। सही अभिवादन से श्रोता के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण बातचीत के लिए अनुकूल बन जाता है।
प्र. 3. मित्रों के साथ वार्तालाप और कार्यालयी वार्तालाप में क्या अंतर है?
उत्तर: मित्र-मंडली में वार्तालाप अनौपचारिक, आत्मीय, सहज और व्याकरणिक बंधनों से मुक्त होता है। इसके विपरीत, कार्यालयी वार्तालाप पूर्णतः औपचारिक, कार्य-केंद्रित, गरिमामयी और निर्धारित शिष्टाचार के नियमों से बंधा होता है।
प्र. 4. सामग्री क्रय-विक्रय (दुकानदार और ग्राहक) के बीच प्रभावी संवाद कैसा होना चाहिए?
उत्तर: इस संवाद में स्पष्टता और सौम्यता आवश्यक है। ग्राहक अपनी जरूरत और बजट स्पष्ट बताए तथा दुकानदार उत्पाद की विशेषताएं व मूल्य पारदर्शी तरीके से रखे, ताकि समय की बचत हो और सही वस्तु का चयन हो सके।
प्र. 5. डाकघर में रजिस्ट्री पत्र भेजने हेतु कर्मचारी से बातचीत का एक संक्षिप्त नमूना दीजिए।
उत्तर:
- ग्राहक: “नमस्ते महोदय, मुझे यह पत्र गुवाहाटी के लिए रजिस्ट्री (स्पीड पोस्ट) कराना है।”
- कर्मचारी: “जी, लिफाफे पर पिन कोड और प्रेषक का पता ठीक से लिखा है? इसे तौलने दीजिए।”
- ग्राहक: “हाँ जी, सब लिखा है। कुल कितना शुल्क लगेगा?”
प्र. 6. अपरिचित जनों से बातचीत करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: अपरिचितों से बात करते समय भाषा में शालीनता, संयम और आदर होना चाहिए। कभी भी व्यक्तिगत जीवन से जुड़े अनुचित प्रश्न नहीं पूछने चाहिए। बातचीत का लहजा तटस्थ, स्पष्ट और विनम्र होना अनिवार्य है।
प्र. 7. साक्षात्कार के दौरान शारीरिक भाषा (Body Language) की क्या भूमिका है?
उत्तर: साक्षात्कार में आपके शब्दों से अधिक आपकी भावभंगिमा बोलती है। सीधा बैठना, आंखों में देखकर बात करना (Eye Contact), चेहरे पर हल्की मुस्कान और शांत मुद्रा आपके आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
प्र. 8. बस या रेल यात्रा के दौरान सह-यात्री से आत्मीय संवाद कैसे स्थापित करें?
उत्तर: मौसम, यात्रा के गंतव्य या मार्ग की सामान्य चर्चा से शुरुआत की जा सकती है। जैसे— “नमस्ते, क्या आप भी तिनसुकिया तक जा रहे हैं?” इससे बिना किसी दबाव के एक सहज और सुरक्षित संवाद बन जाता है।
प्र. 9. ‘सक्रिय श्रवण’ (Active Listening) मौखिक संप्रेषण को कैसे बेहतर बनाता है?
उत्तर: अच्छा वक्ता वही बन सकता है जो अच्छा श्रोता हो। जब हम सामने वाले की बात ध्यानपूर्वक सुनते हैं, तभी हम उचित, तार्किक और सटीक उत्तर दे पाते हैं, जिससे गलतफहमियों की संभावना समाप्त हो जाती है।
प्र. 10. बैंक में नया बचत खाता खुलवाने हेतु बातचीत का संक्षिप्त रूप लिखिए।
उत्तर:
- ग्राहक: “नमस्कार सर, मुझे अपनी बचत के लिए यहाँ एक नया खाता खुलवाना है। इसके लिए क्या प्रक्रिया है?”
- अधिकारी: “नमस्कार! आपको यह आवेदन फॉर्म भरकर आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो फोटो के साथ जमा करना होगा।”
प्र. 11. दूसरे का परिचय प्राप्त करते समय ‘सहानुभूति’ और ‘सम्मान’ क्यों जरूरी है?
उत्तर: किसी के व्यक्तिगत दायरे का सम्मान करना सभ्य समाज की पहचान है। सम्मानजनक संबोधन और विनम्र प्रश्नों से सामने वाला व्यक्ति सुरक्षित और सहज महसूस करता है तथा खुलकर संवाद करता है।
प्र. 12. मौखिक संप्रेषण में ध्वनि के उतार-चढ़ाव (Intonation) का क्या महत्व है?
उत्तर: एक ही सुर में बोली गई बात नीरस हो जाती है। बात के मुख्य बिंदुओं पर जोर देना, विराम लेना और प्रसंगानुकूल स्वर का प्रयोग करने से श्रोता का ध्यान केंद्रित रहता है और संदेश का भाव स्पष्ट होता है।
प्र. 13. कार्यालय में उच्चाधिकारी से अवकाश (Leave) मांगते समय संवाद कैसा हो?
उत्तर:
- कर्मचारी: “सादर प्रणाम महोदय, पारिवारिक अनिवार्य कार्य के कारण मुझे कल एक दिन का आकस्मिक अवकाश चाहिए। मैंने आवेदन पत्र संलग्न कर दिया है।”
- अधिकारी: “ठीक है, अपना कार्यभार सहयोगी को समझाकर आप अवकाश ले सकते हैं।”
प्र. 14. साक्षात्कार कक्ष से बाहर निकलते समय शिष्टाचार के क्या नियम हैं?
उत्तर: साक्षात्कार समाप्त होने पर मंडल के सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करना चाहिए (जैसे— “धन्यवाद महोदय, आपका दिन शुभ हो”) और शांत भाव से बिना हड़बड़ाहट के कक्ष से बाहर निकलना चाहिए।
प्र. 15. मौखिक संप्रेषण में ‘स्पष्ट उच्चारण’ की क्या उपयोगिता है?
उत्तर: शब्दों का मानक और शुद्ध उच्चारण सुनने वाले को भ्रम से बचाता है। अशुद्ध उच्चारण से कभी-कभी अर्थ का अनर्थ हो जाता है, अतः उच्चारण दोषरहित और स्पष्ट होना चाहिए।
200 शब्दों वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्र. 1. नौकरी के लिए साक्षात्कार के प्रारंभ में अपना परिचय कैसे दिया जाना चाहिए? एक व्यावहारिक नमूना प्रस्तुत कीजिए। [2025]
उत्तर: साक्षात्कार में आत्म-परिचय (Self-Introduction) चयनकर्ताओं पर पहला और सबसे गहरा प्रभाव छोड़ता है। परिचय संक्षिप्त, तथ्यपरक, आत्मविश्वास से भरा और पद के अनुकूल होना चाहिए। इसमें अनावश्यक पारिवारिक विवरण से बचते हुए शैक्षणिक योग्यता, व्यावहारिक कौशल और कार्य-अनुभव को प्राथमिकता देनी चाहिए।
परिचय का व्यावहारिक नमूना:
“सादर प्रणाम महोदया/महोदय। मेरा नाम अभिनव शर्मा है। मैं मूल रूप से असम के नलबाड़ी जिले का निवासी हूँ। मैंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से 75% अंकों के साथ हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर (M.A.) की उपाधि प्राप्त की है। अपनी पढ़ाई के दौरान मैंने कार्यालयी हिंदी और अनुवाद कार्य में विशेष दक्षता हासिल की है।
अकादमिक गतिविधियों के अतिरिक्त मुझे वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेना और तकनीकी आलेख लिखना पसंद है। पिछले एक वर्ष से मैंने एक स्थानीय प्रकाशन संस्थान में सह-संपादक के रूप में कार्य किया है, जिससे मुझे समय प्रबंधन और टीम वर्क का व्यावहारिक अनुभव मिला। मैं एक कर्मठ, सीखने के लिए तत्पर और सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति हूँ। इस पद के माध्यम से मैं अपनी क्षमताओं का उपयोग संस्था के विकास में करना चाहता हूँ। धन्यवाद।”
प्र. 2. मौखिक संप्रेषण के विभिन्न प्रसंगों (कार्यालय, बैंक, डाकघर और हाट-बाजार) की भाषा-शैली का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: मानव जीवन में मौखिक संप्रेषण का स्वरूप संदर्भ और स्थान के अनुसार बदलता रहता है। प्रत्येक क्षेत्र की अपनी भाषाई मर्यादा और शब्दावली होती है:
- कार्यालय एवं प्रशासनिक स्थल: यहाँ भाषा पूर्णतः औपचारिक, वस्तुनिष्ठ, संक्षिप्त और शिष्टाचारयुक्त होती है। व्यक्तिगत भावनाओं के स्थान पर नियमों, कर्तव्यों और कार्य की प्रगति पर केंद्रित शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
- बैंक एवं डाकघर: यहाँ का संप्रेषण सेवा-उन्मुख और तथ्यपरक होता है। आर्थिक लेन-देन, खाता संख्या, चालान, ब्याज और नियमों से संबंधित तकनीकी/पारिभाषिक शब्दों की स्पष्टता अनिवार्य होती है।
- हाट-बाजार (क्रय-विक्रय): यह प्रसंग व्यावहारिक और अनौपचारिक होता है। इसमें मोलभाव, वस्तु के गुण-दोष की परख और तात्कालिक निर्णय शामिल होते हैं। यहाँ संवाद में लचीलापन और अनुनय (Persuasion) की शैली दिखाई देती है।
- आत्मीय एवं पारिवारिक प्रसंग: यहाँ औपचारिकता समाप्त होकर प्रेम, स्नेह, आदर और भावनात्मक खुलापन आ जाता है।
अतः संदर्भ के अनुकूल भाषा और शैली का चयन ही एक सफल संप्रेषक की पहचान है।
प्र. 3. ‘अपरिचित जनों से बातचीत’ और ‘मित्र-मंडली के साथ वार्तालाप’ के मनोवैज्ञानिक और भाषाई पक्षों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: मानव स्वभाव विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करता है, जिसका सीधा प्रभाव उसकी भाषा पर पड़ता है:
- अपरिचितों से बातचीत का पक्ष: अपरिचित व्यक्तियों से बात करते समय व्यक्ति मनोवैज्ञानिक रूप से सतर्क और रक्षात्मक रहता है। भाषा में संकोच, औपचारिकता और मर्यादा की प्रधानता होती है। बातचीत का दायरा मौसम, रास्ता, सामान्य समाचार या तात्कालिक आवश्यकता तक सीमित रहता है। यहाँ ‘आप’ शैली, विनम्रता और तटस्थता प्रमुख होती है।
- मित्र-मंडली के साथ वार्तालाप کا पक्ष: मित्रों के साथ व्यक्ति मनोवैज्ञानिक रूप से पूरी तरह तनावमुक्त और सहज होता है। यहाँ किसी बनावट या कृत्रिमता की आवश्यकता नहीं होती। भाषा में आत्मीयता, हास्य-व्यंग्य, मुहावरेदार प्रयोग और स्थानीय बोलचाल के शब्दों की बहुलता होती है। यहाँ ‘तुम’ या स्नेहपूर्ण संबोधन चलते हैं।
निष्कर्षतः, अपरिचितों से संवाद ‘सामाजिक मर्यादा’ का पालन करता है, जबकि मित्रों से संवाद ‘आत्मिक जुड़ाव’ को व्यक्त करता है।
प्र. 4. सामग्री क्रय-विक्रय के प्रसंग में विक्रेता (दुकानदार) और क्रेता (ग्राहक) के बीच आदर्श संवाद के नियम और एक लिखित उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: व्यापारिक सफलता मौखिक संप्रेषण की कुशलता पर निर्भर करती है। विक्रेता के लिए धैर्य, विनम्रता और ग्राहक की आवश्यकता को समझना आवश्यक है, वहीं ग्राहक के लिए अपनी मांग को स्पष्ट और तार्किक रखना जरूरी है।
आदर्श संवाद:
- ग्राहक: “नमस्ते भइया, मुझे दैनिक उपयोग के लिए एक मजबूत और वॉटरप्रूफ लैपटॉप बैग दिखाइए।”
- दुकानदार: “नमस्ते सर! आइए, यह मॉडल देखिए। यह प्रीमियम वाटरप्रूफ फैब्रिक से बना है, जिसमें एक साल की वारंटी और कुशन पैडिंग भी है।”
- ग्राहक: “इसकी गुणवत्ता तो अच्छी लग रही है, पर क्या इसमें अतिरिक्त पॉकेट्स और चार्जर कम्पार्टमेंट है? इसका अंतिम मूल्य क्या होगा?”
- दुकानदार: “जी हाँ, इसमें तीन कम्पार्टमेंट हैं। इसका एम.आर.पी. ₹1800 है, लेकिन छूट के बाद आपको यह ₹1400 में मिल जाएगा।”
- ग्राहक: “कृपया बिल बना दीजिए और डिजिटल भुगतान (UPI) का क्यूआर कोड दिखाइए।”
- दुकानदार: “अवश्य सर, यह रहा कोड। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!”
प्र. 5. यातायात और परिवहन के संदर्भ में यात्री और बस परिचालक (Conductor) अथवा टिकट काउंटर लिपिक के बीच होने वाले संवाद का प्रारूप लिखिए।
उत्तर: सार्वजनिक परिवहन स्थलों पर भीड़ और कोलाहल के कारण मौखिक संप्रेषण का संक्षिप्त, स्पष्ट और तेज होना आवश्यक है:
संवाद प्रारूप (रेलवे टिकट काउंटर):
- यात्री: “नमस्कार महोदय, कल सुबह की ‘सरायघाट एक्सप्रेस’ में गुवाहाटी से हावड़ा के लिए स्लीपर क्लास में एक टिकट उपलब्ध है क्या?”
- टिकट लिपिक: “नमस्कार। जी हाँ, कल के लिए आरएसी (RAC) में सीट मिल जाएगी। क्या आपको कन्फर्म टिकट ही चाहिए या यह चलेगा?”
- यात्री: “आरएसी चलेगा महोदय। यह रहा मेरा आरक्षण फॉर्म और निर्धारित शुल्क ₹450।”
- टिकट लिपिक: “यह लीजिए आपका टिकट और शेष ₹50। गाड़ी संख्या और प्रस्थान समय टिकट पर अंकित है, कृपया जांच लें।”
- यात्री: “धन्यवाद महोदय!”
ऐसे संवादों में समय की मितव्ययिता और सूचना की सटीकता सबसे प्रमुख गुण होते हैं।
प्र. 6. साक्षात्कार (Interview) का सामना करते समय किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनका समाधान कैसे किया जाए?
उत्तर: साक्षात्कार किसी भी अभ्यर्थी के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसके दौरान आने वाली मुख्य चुनौतियाँ और समाधान निम्न हैं:
- घबराहट और मानसिक तनाव (Anxiety): साक्षात्कार से ठीक पहले दिल की धड़कन बढ़ना और भूलने का डर होना स्वाभाविक है।
- समाधान: गहरी सांस लें, सकारात्मक सोचें और यह याद रखें कि यह केवल ज्ञान की नहीं, आपके स्वभाव की भी परीक्षा है।
- अज्ञात प्रश्नों का सामना: सभी प्रश्नों के उत्तर आना संभव नहीं है।
- समाधान: गलत या भ्रामक उत्तर देने के बजाय विनम्रतापूर्वक कहें— “क्षमा करें महोदय, इस समय मुझे इस विषय का स्मरण नहीं आ रहा है।”
- शारीरिक भाषा की कमजोरी: नजरें चुराना, पैर हिलाना या अत्यधिक गंभीर दिखना।
- समाधान: साक्षात्कारकर्ताओं के साथ सहज आई-कॉन्टैक्ट बनाएं और चेहरे पर सौम्य आत्मविश्वास बनाए रखें।
- अस्पष्ट वाक्-शैली: जल्दी-जल्दी या बहुत धीमे बोलना।
- समाधान: संतुलित गति, स्पष्ट उच्चारण और नपे-तुले शब्दों में उत्तर दें।
प्र. 7. ‘आत्म-परिचय’ (Self-Introduction) और ‘दूसरे की परिचय-प्राप्ति’ के भाषाई शिष्टाचार के नियमों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर: सामाजिक संप्रेषण का आरंभ परिचय के आदान-प्रदान से होता है। इसके लिए निर्धारित भाषाई शिष्टाचार निम्नलिखित हैं:
- आत्म-परिचय के नियम:
- स्पष्टता: नाम और पद का स्पष्ट उच्चारण करें।
- संक्षिप्तता: अनावश्यक आत्म-प्रशंसा या पारिवारिक इतिहास से बचें।
- विनम्रता: परिचय देते समय अहंकार के स्थान पर सहज शालीनता का भाव रखें।
- दूसरे की परिचय-प्राप्ति के नियम:
- अनुमतिसूचक भाषा: सीधे प्रश्न पूछने के बजाय कहें— “यदि आप बुरा न मानें तो क्या मैं आपका शुभ नाम जान सकता हूँ?”
- व्यक्तिगत प्रश्नों का निषेध: पहली ही मुलाकात में किसी की आय, जाति, धर्म या निजी पारिवारिक स्थिति पर प्रश्न न करें।
- सक्रिय प्रतिक्रिया: जब सामने वाला अपना परिचय दे, तो “आपसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई” जैसे आदरसूचक वाक्यों से संवाद पूर्ण करें।
प्र. 8. बैंक में शाखा प्रबंधक (Branch Manager) से शिक्षा ऋण (Education Loan) हेतु वार्तालाप का एक प्रामाणिक परिदृश्य तैयार कीजिए।
उत्तर:
- छात्र: “सादर प्रणाम महोदय! क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?”
- प्रबंधक: “प्रणाम! आइए, बैठिए। बताइए मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूँ?”
- छात्र: “सर, मेरा चयन गुवाहाटी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में हुआ है। उच्च शिक्षा का खर्च वहन करने हेतु मुझे बैंक से शिक्षा ऋण की आवश्यकता है।”
- प्रबंधक: “बहुत बधाई! क्या आपके पास विश्वविद्यालय का प्रवेश पत्र, शुल्क विवरण (Fee Structure) और अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र हैं?”
- छात्र: “जी महोदय, मैंने सभी मूल प्रमाण-पत्रों की प्रतियां और माता-पिता के आय प्रमाण-पत्र की फाइल तैयार कर ली है।”
- प्रबंधक: “उत्तम। आप यह ऋण आवेदन पत्र भरिए और दस्तावेजों के साथ काउंटर नंबर 3 पर जमा कर दीजिए। नियमानुसार सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृत कर दिया जाएगा।”
- छात्र: “मार्गदर्शन के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद महोदय!”
प्र. 9. मौखिक संप्रेषण की प्रभावशीलता में स्वर-माधुर्य, गति और विराम-चिह्नों के मौखिक प्रयोग का क्या महत्व है?
उत्तर: मौखिक संप्रेषण केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि उन्हें अभिव्यक्त करने की कला है। इसमें निम्नलिखित तत्वों का अत्यधिक महत्व है:
- स्वर-माधुर्य (Tone & Pitch): कर्कश और रूखी आवाज श्रोता को विमुख कर देती है, जबकि मधुर, सौम्य और स्पष्ट आवाज श्रोता को आकर्षित करती है।
- गति (Pace): बोलने की गति न तो बहुत तेज होनी चाहिए कि शब्द समझ न आएं, और न ही इतनी धीमी कि श्रोता ऊब जाए। एक संतुलित गति ही संप्रेषण को प्रभावी बनाती है।
- मौखिक विराम (Pauses): लिखते समय जो काम विराम-चिह्न करते हैं, बोलते समय वही काम ‘उचित ठहराव’ करता है। महत्वपूर्ण बिंदुओं से पहले या बाद में लिया गया एक पल का विराम बात को वजनदार और विचारणीय बनाता है।
इन तीनों का सही समन्वय वक्ता को एक उत्कृष्ट और प्रभावशाली वक्ता बनाता है।
प्र. 10. किसी सरकारी अथवा निजी कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी (PRO) से सूचना प्राप्त करने हेतु संवाद का प्रारूप प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
- आगंतुक: “नमस्ते महोदय! मुझे इस विभाग द्वारा आयोजित होने वाली आगामी कार्यशाला के संबंध में कुछ जानकारी चाहिए थी।”
- जनसंपर्क अधिकारी: “नमस्ते! कृपया बैठिए। आप किस विशिष्ट विषय पर जानकारी चाहते हैं?”
- आगंतुक: “महोदय, मैं यह जानना चाहता हूँ कि कार्यशाला में पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है और क्या इसके लिए कोई पंजीकरण शुल्क निर्धारित है?”
- जनसंपर्क अधिकारी: “पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 अगस्त है और छात्रों के लिए यह कार्यशाला पूर्णतः निःशुल्क है। आप हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।”
- आगंतुक: “क्या कार्यशाला के समापन पर सहभागिता प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा?”
- जनसंपर्क अधिकारी: “जी हाँ, न्यूनतम 80% उपस्थिति वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।”
- आगंतुक: “विस्तृत जानकारी के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद महोदय!”
এই Post টো Update কৰাত সহায় কৰিব বিচাৰে নেকি?
ইয়াত কিবা ভুল, অসম্পূৰ্ণ তথ্য বা নতুন তথ্য থাকিলে আপুনি এটা উন্নত version প্ৰস্তুত কৰিব পাৰে। Live Post তৎক্ষণাৎ সলনি নহ'ব।
Update This Post